शंघाई : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए चीन के शंघाई में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान एक मिनट का मौन रखा गया। यह मौन श्रद्धांजलि 22 अप्रैल 2025 को हुए हमले के प्रति वैश्विक संवेदना और एकजुटता का प्रतीक बनी। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में भारतीय प्रवासी समुदाय, चीनी अधिकारी और साहित्यिक हस्तियां शामिल हुईं। 'हार्डवेयर टू कोड' पुस्तक के विमोचन समारोह के बाद उच्चस्तरीय रणनीतिक वार्ता और विचार-विमर्श हुआ, जिसमें 10 से अधिक देशों के महावाणिज्यदूतों और प्रमुख व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया, जिससे यह कूटनीति, प्रौद्योगिकी और दूरदर्शी औद्योगिक वार्ता का एक दुर्लभ संयोजन बन गया। यह इस बात का प्रमाण है कि किस तरह नवाचार और रणनीतिक सोच अब भारत की वैश्विक पहुंच के केंद्र में हैं।
शंघाई में पुस्तक का विमोचन
शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत और कार्यक्रम के मेजबान प्रतीक माथुर ने कहा कि हार्डवेयर टू कोड किताब मोबिलिटी के भविष्य का रोडमैप है। जैसे-जैसे अगली पीढ़ी के वाहन 'पहियों पर सॉफ़्टवेयर' में विकसित हो रहे हैं, भारत का गहरा सॉफ़्टवेयर टैलेंट बेस इसे वैश्विक ऑटोमोटिव वैल्यू चेन का नेतृत्व करने के लिए एक अद्वितीय स्थिति में रखता है।
अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने इस हमले को क्रूर करार देते हुए भारत के साथ एकजुटता जताई। संयुक्त राष्ट्र ने भी आतंकवाद की इस घटना की भर्त्सना की। मौजूद हस्तियों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दुनिया एकजुट है। उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदना और सहयोग की भावना कभी कमजोर नहीं होती।
