Titan submersible : लापता टाइटन पनडुब्बी में ऑक्सीजन की मात्रा महज चंद घंटे शेष बची है। इसे देखते हुए तलाशी अभियान काफी तेज कर दिया है। बचाव अभियान में लगी टीमों को लगातार दूसरे दिन समुद्र के नीचे आवाज सुनाई पड़ी। इसके बाद उन्हें अपना तलाशी अभियान खास दिशा में चलाने में मदद मिली है। लापता सबमर्सिबल को ढूंढने के लिए बुधवार को और पोत एवं तलाशी टीमें लगाई गईं। 1912 में अटलांटिक समुद्र में डूबे टाइटैनिक जहाज के मलबे को देखने के लिए गत रविवार को पांच लोग पनडुब्बी में सवार होकर रवाना हुए।
रविवार को समुद्र में लापता हुई पनडुब्बी।
टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने निकले 5 लोग
रवाना होने के बाद करीब एक घंटे बाद इस सबमरीन का संपर्क टूट गया था। पिछले 4 दिन से अटलांटिक समुद्र में विशाल इलाके को दुनियाभर के जहाज छान रहे हैं। रिपोर्टों की मानें तो सबमरीन में केवल 5 घंटे का ही ऑक्सीजन बचा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन चंद घंटों में यदि लापता पनडुब्बी को यदि ढूंढा नहीं गया तो उसमें सवार लोगों के जिंदा बचने की संभावना खत्म हो जाएगी।
बचाव टीम को अभी भी उम्मीद
फर्स्ट कोस्ट गार्ड डिस्ट्रिक्ट के कैप्टन जेमी फ्रेडरिक ने कहा कि समुद्र में कनेक्टिकट के दोगुने आकार वाले क्षेत्र को टीमें खंगाल रही हैं। करीब ढाई मील गहरे समुद्र में अभियान में चलाया जा रहा है। कैप्टन ने कहा कि उन्होंने टाइटन पनडुब्बी में सवार पांच यात्रियों को बचाने की उम्मीद अभी छोड़ी नहीं है। उन्होंने कहा, 'यह 100 प्रतिशत तलाशी एवं बचाव अभियान है। टाइटन एवं उसमें सवार लोगों को पता लगाने के लिए हम अपने पास मौजूद सभी संसाधनों का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल करना जारी रखेंगे।'
ओशियनगेट इंक पर उठे सवाल
तलाशी अभियान में जुटे कनाडा के कई पी-3 एयरक्राफ्ट को समुद्र के नीचे उस जगह पर आवाजें सुनाई दी हैं जहां टीमें टाइटन पनडुब्बी को ढूंढ रही हैं। इस बीच, पनडुब्बी सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी ओशियनगेट इंक पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। कंपनी की टाइटन सेवा पर साल 2018 में भी सवाल उठा था।
खतरनाक इलाके में हैं टाइटैनिक का मलबा
टाइटैनिक का मलबा देखने के इस अभियान का नेतृत्व कर रही कंपनी के सीईओ स्टॉकटन रश, एक ब्रिटिश अरबपति, पाकिस्तान के एक कारोबारी घराने के दो लोग और एक टाइटैनिक विशेषज्ञ इस पनडुब्बी पर सवार हैं। ओशियनगेट एक्सपीडिशंस इस अभियान की निगरानी कर रही थी। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, 2021 और 2022 में टाइटैनिक का मलबा देखने के लिए कम से कम 46 लोगों ने सफलतापूर्वक ओशियनगेट की पनडुब्बी में यात्रा की थी। टाइटैनिक का मलबा देख चुके जर्मनी के सेवानिवृत्त कारोबारी आर्थर लोइबल ने दो साल पहले की इस रोमांचकारी यात्रा को ‘कामीकेज (आत्मघाती) अभियान’बताया।
