आतंकवाद के खात्मे के लिए SCO में अपनी आवाज बुलंद करेगा भारत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे देश का नेतृत्व

SCO: आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन में भाग लेने के लिए चीन रवाना होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने और आतंकवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त और निरंतर प्रयासों का आह्वान करने के लिए चीन जायेंगे।

SCO Defence Ministers Meeting: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज चीन के लिए रवाना होंगे। जानकारी के अनुसार, चीन के क़िंगदाओ में 25-26 जून को होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भाग लेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने और आतंकवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त और निरंतर प्रयासों का आह्वान करने के लिए उत्सुक हैं। एक्स पर साझा किए गए एक बयान में राजनाथ सिंह ने कहा कि आज, 25 जून को, मैं क़िंगदाओ के लिए रवाना हो जाऊंगा। मुझे विभिन्न रक्षा मंत्रियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करने का अवसर मिलेगा। वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने और आतंकवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त और लगातार प्रयासों का आह्वान करने के लिए उत्सुक हूं। बैठक के दौरान नेताओं द्वारा क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और एससीओ सदस्य देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच सहयोग सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा किये जाने की उम्मीद है।

SCO Defence Ministers Meeting

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह SCO मीटिंग में लेंगे हिस्सा

आतंकवाद के खिलाफ चीन में रक्षा मंत्री करेंगे देश की आवाज बुलंद

रक्षा मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि रक्षा मंत्री एससीओ के सिद्धांतों और अधिदेश के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को उजागर करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत क्षेत्र में बहुपक्षवाद, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने में एससीओ को विशेष महत्व देता है । इसने आगे कहा कि एससीओ संप्रभुता, राष्ट्रों की क्षेत्रीय अखंडता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, आपसी सम्मान, समझ और सभी सदस्य देशों की समानता के सिद्धांतों के आधार पर अपनी नीति का पालन करता है। एससीओ 2001 में स्थापित एक अंतर-सरकारी संगठन है। भारत 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना और 2023 में अध्यक्षता ग्रहण की। एससीओ सदस्यों में कजाकिस्तान,भारत के अलावा चीन , किर्गिज़स्तान, पाकिस्तान, रूस , ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस। चीन ने 'शंघाई भावना को कायम रखना: एससीओ आगे बढ़ रहा है' थीम के तहत 2025 के लिए एससीओ की अध्यक्षता संभाली है।

End of Feed