रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने स्वीकार किया PM मोदी का निमंत्रण, द्विपक्षीय वार्ता के लिए आएंगे भारत

India-Russia Relations: रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत आएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। जानकारी के अनुसाक, दोनों नेताओं ने टेलीफोन पर बातचीत की। बातचीत में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर जोर दिया गया।

India-Russia Relations: भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेलीफोन पर बातचीत की। रूसी राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट ने इसकी जानकारी दी। दोनों नेताओं ने फोन पर बातचीत कर रूस-भारत संबंधों की रणनीतिक मजबूती पर चर्चा की। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले पर अपनी संवेदनाएं दोहराईं और दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने में निरंतर सहयोग की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। इस आदान-प्रदान के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन और रूस के लोगों को महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध में विजय की आगामी 80वीं वर्षगांठ की बधाई भी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को पारंपरिक वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण भी दिया। जानकारी के अनुसार, रूसी पक्ष ने पीएम मोदी के निमंत्रण को गर्मजोशी से स्वीकार किया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 8 से 9 मई तक रूस की अपनी यात्रा के दौरान विजय दिवस समारोह में भाग लिया था। यह समारोह द्वितीय विश्व युद्ध (1941-45) में सोवियत जनता की जीत की 80वीं वर्षगांठ मनाने के लिए 9 मई को मास्को में आयोजित किया गया था।

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रूसी राष्ट्रपति पुतिन आएंगे भारत

भारत के रक्षा राज्य मंत्री ने पुतिन से की थी मुलाकात

विज्ञप्ति के अनुसार, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अज्ञात सैनिक की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और अन्य देशों के विशिष्ट प्रतिनिधियों के साथ विजय दिवस परेड देखी। विजय दिवस परेड में रक्षा राज्य मंत्री की भागीदारी भारत और रूस के बीच दीर्घकालिक विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। इस यात्रा के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और 80वें विजय दिवस की बधाई दी। राज्य मंत्री ने रूसी उप रक्षा मंत्री कर्नल जनरल अलेक्जेंडर फोमिन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की और राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में समर्थन के लिए रूस की सरकार और लोगों को धन्यवाद दिया। दोनों मंत्रियों ने बहुआयामी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर भी चर्चा की और मौजूदा संस्थागत तंत्र के ढांचे के भीतर संबंधों को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्ष नियमित परामर्श जारी रखेंगे और बदलते हालात में सहयोग बढ़ाएंगे।

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