रूस में हिंदी सीखने का बढ़ रहा क्रेज, संस्थानों की संख्या बढ़ा रही पुतिन सरकार

Hindi Diwas: सोवियत संघ के पतन के तीन दशक बाद, रूस में हिंदी सीखने के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ रही है और सरकार इस भाषा को पढ़ाने वाले संस्थानों की संख्या बढ़ा रही है। रूस के उच्च शिक्षा एवं विज्ञान मंत्रालय के अनुसार, हिंदी सीखने को लेकर छात्रों में रुचि बढ़ी है और वह इस भाषा को पढ़ाने वाले शैक्षणिक संस्थानों की संख्या बढ़ाने के लिए पहले से ही कदम उठा रहा है।

Hindi Diwas: सोवियत संघ के पतन के तीन दशक बाद, रूस में हिंदी सीखने के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ रही है और सरकार इस भाषा को पढ़ाने वाले संस्थानों की संख्या बढ़ा रही है। रूस के विज्ञान एवं उच्च शिक्षा उपमंत्री कोंस्तांतिन मोगिलेव्स्की ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हमारे और अधिक छात्र हिंदी सीखें।’’ मोगिलेव्स्की ने रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ को बताया, ‘‘भारत आज दुनिया की सर्वाधिक आबादी वाला देश है और अधिक से अधिक भारतीय अपने रोजमर्रा के जीवन में अंग्रेजी के बजाय हिंदी का इस्तेमाल करने लगे हैं। हमें हिंदी और अन्य एशियाई भाषाएं सीखने की जरूरत है।’’

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रूस में हिंदी सीखने का बढ़ रहा क्रेज (फोटो साभार: iStock)

हिंदी सीखने को लेकर छात्रों में बढ़ी रुचि

रूस के उच्च शिक्षा एवं विज्ञान मंत्रालय के अनुसार, हिंदी सीखने को लेकर छात्रों में रुचि बढ़ी है और वह इस भाषा को पढ़ाने वाले शैक्षणिक संस्थानों की संख्या बढ़ाने के लिए पहले से ही कदम उठा रहा है। ‘रसियन स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूमैनिटीज’ (RSUH) की इंदिरा गजीयेवा ने कहा कि रूसी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ‘‘अधिकतर पश्चिमी विमर्श के माध्यम से भारतीय वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रूस की युवा पीढ़ी आधुनिक भारत और उसकी प्राचीन सभ्यतागत विरासत के गहन अध्ययन में रुचि ले रही है।’’

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