Russia Ukraine War : रूस ने साफ और स्पष्ट शब्दों में अमेरिका और नाटो देशों को चेतावनी दी है कि 'उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल यदि यूक्रेन ने उसके खिलाफ किया तो इसके भयंकर दुष्परिणाम होंगे।' रूस ने कहा है कि 'उसकी जवाबी कार्रवाई बिल्कुल स्पष्ट, प्रभावी और जमीन पर दिखने वाली होगी।' बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि 'रूस की सीमा में इस तरह का हमला यदि होता है तो यह रूस के खिलाफ अमेरिका और उसके उसके उपग्रहों की सीधी संलिप्तता मानी जाएगी।'
यूक्रेन पर 24 फरवरी 2022 को रूस ने हमला किया।
अब तक के अमेरिकी रुख से अलग है बाइडेन का यह फैसला
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के खिलाफ लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करने के लिए यूक्रेन को इजाजत दे दी है। बाइडेन की इस मंजूरी के बाद यूक्रेन रूस की सीमा में अंदर तक मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर सकता है। इससे रूस को काफी नुकसान और चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। बाइडेन का यह फैसला रूस-यूक्रेन युद्ध पर अब तक के अमेरिकी रुख से अलग है। युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के खिलाफ लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल की इजाजत यूक्रेन मांग रहा था लेकिन अमेरिका ने इसकी अनुमति नहीं दी थी लेकिन राष्ट्रपति पद से रिटायर होने से करीब दो महीने पहले बाइडेन ने इसकी इजाजत दे दी है।
ट्रंप इस युद्ध को बंद कराना चाहते हैं
बाइडेन प्रशासन ने इस बारे में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कोई बात या सलाह-मशविरा किया है कि नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। ट्रंप का रुख रूस-यूक्रेन युद्ध पर बाइडेन से बिल्कुल अलग है। वह पहले कई बार यह युद्ध खत्म कराने की बात कह चुके हैं। बाइडेन जहां चाहते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध चलता रहे, वहीं, ट्रंप इस युद्ध को बंद कराना चाहते हैं। युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका और नाटो देशों ने शॉर्ट एवं लॉन्ग रेंज दोनों क्षमता वाली मिसाइलें यूक्रेन को दी हैं लेकिन इन मिसाइलों के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी।
उत्तर कोरिया ने भेजे अपने सैनिक
यूक्रेन के पास अमेरिकी आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम है, जिसकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर है। फ्रांस और ब्रिटेन की स्टॉर्म शैडो मिसाइलों की मारक क्षमता भी इतनी ही है। लेकिन अब बाइडेन ने लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल पर लगी रोक हटा दी है। बाइडेन का यह फैसला ऐसे समय आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के मंगलवार को 1000 दिन पूरे हुए। रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला किया। हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन पर हमले और तेज कर दिए हैं। वह ड्रोन और मिसाइलों से यूक्रेन के प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है। यूक्रेन से इस लड़ाई में रूस की मदद उत्तर कोरिया कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक युद्ध के मोर्चे पर उसने अपने 10 हजार सैनिक भेजे हैं। बताया जा रहा है कि किम जॉन्ग उन अपना तोपखाना और अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी में हैं।
