रूस एक बार फिर से यूक्रेन पर भारी पड़ता दिख रहा है। पुतिन की दादागिरी को रोकने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने नाटो की सदस्यता के लिए गुहार लगाई है। इस युद्ध के कारणों में से एक नाटो की सदस्यता भी है।
राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन औपचारिक रूप से नाटो सैन्य गठबंधन की फास्ट-ट्रैक सदस्यता के लिए आवेदन कर रहा है। उन्होंने कहा कि कीव मास्को के साथ बातचीत के लिए तैयार था, लेकिन राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत नहीं होगी।
ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक वीडियो में कहा- "हम नाटो में त्वरित सदस्यता के लिए यूक्रेन के आवेदन पर हस्ताक्षर करके अपना निर्णायक कदम उठा रहे हैं।" वीडियो में ज़ेलेंस्की को निर्णय की घोषणा करते हुए और फिर उनके प्रधान मंत्री और संसद के अध्यक्ष द्वारा एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते हुए दिखाया गया है। ज़ेलेंस्की ने कहा- "यूक्रेन वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन एक अलग रूसी राष्ट्रपति के साथ।"
दरअसल शुक्रवार को ही रूस ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों को अपने में मिला लिया है। जिसके बाद से यूक्रेन और पश्चिमी देश रूस पर भड़के हुए हैं। वहीं पुतिन ने बार-बार स्पष्ट किया है कि यूक्रेन अगर नाटो में शामिल होता है तो ये उसकी आखिरी गलती होगी। रूस इसके लिए यूक्रेन को कभी माफ नहीं करेगा और इसका खामियाजा यूक्रेन को भुगतना पड़ेगा।
अपने भाषण में, पुतिन ने यूक्रेन से शांति वार्ता के लिए बैठने का आग्रह किया, लेकिन तुरंत जोर देकर कहा कि वह कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस सौंपने पर चर्चा नहीं करेंगे।
