Russian Automatic Spacecraft: रूस ने अंतरिक्ष स्टेशन से स्वचालित यान प्रक्षेपित करने की तकनीक का पेटेंट कराया है। यह स्टेशन दुनिया का ऐसा पहला ड्रोन प्लेटफार्म होगा जिसके रखरखाव के लिए रोबोट का इस्तेमाल होगा। इस तकनीक का परीक्षण रूसी ऑर्बिटल स्टेशन (ROS) में करने की योजना है तथा बाद में इसका प्रयोग चंद्रमा के अन्वेषण में किया जायेगा।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
रूस के पहले उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव (Denis Manturov) ने मॉस्को में एक बैठक में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से कहा कि 2030 तक रूस को अपने खुद के अंतरिक्ष स्टेशन (Space Station) के लिए मॉड्यूल-दर-मॉड्यूल योजनाबद्ध बदलाव करना सुनिश्चित करना होगा।
मंटुरोव ने क्या कुछ कहा?
मंटुरोव ने शुक्रवार को बैठक के दौरान कहा, ‘‘आरओएस (Russian Orbital Station) अपने रखरखाव के लिए रोबोट से लैस दुनिया का पहला ड्रोन प्लेटफॉर्म बन जाएगा। यह रूसी संघ का एक पेटेंट समाधान है।’’ टेलीविजन पर प्रसारित इस बैठक की अध्यक्षता पुतिन ने की और इसमें अंतरिक्ष क्षेत्र समेत कई राष्ट्रीय परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
प्रौद्योगिकी मुद्दों को कवर करने के लिए समर्पित एक समाचार पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यू1.आरयू ने मंटुरोव के हवाले से कहा कि प्रौद्योगिकी के परीक्षण से हमें इस प्रारूप को अपने चंद्रमा कार्यक्रम में लागू करने की अनुमति मिलेगी। वर्तमान में आरओएस बनाने पर काम जारी है, जिसे 2027 और 2033 के बीच निकट-ध्रुवीय कक्षा में तैनात करने की योजना है।
