Israel strike in Damascus : इजरायल ने बुधवार को सीरिया की राजधानी में कई जगह बड़े हमले किए। इन हमलों में इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। इजरायल का कहना है कि उसने ये हमले सीरियाई सरकार की सेना के खिलाफ और अरब विद्रोही गुट के समर्थन में की हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई और कम से कम 34 लोग घायल हुए। इन हमलों के कुछ वीडियो सामने आए हैं जिनमें इजरायली हमलों में इमारतों को निशाना बनते देखा जा सकता है।
इजरायली धमाकों से दहला दमिश्क। तस्वीर-Twitter
विस्फोट की आवाज सुन डरी महिला रिपोर्टर
एक ऐसा ही वीडियो राजधानी दमिश्क का भी है जिसमें धमाके की आवाज सुनकर वहां लाइव प्रसारण कर रही एक महिला रिपोर्टर काफी डर जाती है और चीखते हुए महिला रिपोर्टर अपने और अपनी टीम के लिए सुरक्षित जगह की तलाश करते हुए दिखती है। इसी दौरान दमिश्क में कई धमाकों और इजरायल फाइटर प्लेन के गुजरने की आवाज भी सुनाई देती है। इजरायल का कहना है कि उसने अपनी अपनी सीमा की सुरक्षा के लिए ये हमले किए हैं। इजरायल ने कहा है कि वह इस्लामी आतंकवादियों को अपनी सीमा से दूर रखना चाहता है। रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायल ने अपने हवाई हमले में रक्षा मंत्रालय की इमारत को निशाना बनाया।
नए संघर्ष विराम की घोषणा
सीरियाई सरकार के अधिकारियों और दरोज धार्मिक अल्पसंख्यक नेताओं ने कई दिनों के संघर्ष के बाद बुधवार को नये सिरे से संघर्षविराम की घोषणा की। संघर्ष के कारण देश में राजनीतिक बदलाव के प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है और सीरिया के शक्तिशाली पड़ोसी इजरायल को हस्तक्षेप करना पड़ा है। नये संघर्षविराम की घोषणा सरकारी समाचार एजेंसी ‘सना’ और एक दरोज धार्मिक नेता के वीडियो संदेश में की गई।
दरोज धार्मिक संप्रदाय की सुरक्षा में हमले
हालांकि, यह समझौता कितना लंबा चल सकेगा, इसे लेकर संशय बरकरार है क्योंकि एक दिन पहले घोषित युद्धविराम जल्द ही टूट गया था। यह घोषणा इजरायल द्वारा दमिश्क के मध्य में हवाई हमले किए जाने के बाद सामने आई है। इजरायल का कहना है कि वह दरोज समुदाय की रक्षा के लिए ऐसा कर रहा है। दरोज धार्मिक संप्रदाय की शुरुआत 10वीं शताब्दी में हुई थी और यह शिया संप्रदाय की शाखा, ‘इस्माइलवाद’ को मानते हैं। दुनिया भर में लगभग 10 लाख दरोज हैं जिनमें से आधे से ज्यादा सीरिया में रहते हैं।
