मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच कतर ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि कतर में किए गए हमलों में केवल अमेरिकी हितों को निशाना बनाया गया था। कतर सरकार का कहना है कि इन हमलों में नागरिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाया गया।
कतर ने खारिज किया ईरान का दावा (फोटो- एआई)
कतर के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने ईरान के इस दावे को “स्पष्ट रूप से अस्वीकार” कर दिया। यह बयान उस समय आया जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फोन पर बातचीत के दौरान कहा था कि हमलों का लक्ष्य केवल अमेरिकी अड्डे थे।
कतर ने कहा कि हमलों के दौरान रिहायशी इलाकों के साथ-साथ मुख्य हवाई अड्डे और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) सुविधाओं के पास के क्षेत्र भी प्रभावित हुए। युद्ध शुरू होने के बाद यह ईरान और कतर के बीच पहली सार्वजनिक बातचीत मानी जा रही है।
हमले की योजना पहले से तैयार थी- इजराइल
इस बीच इजराइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने कहा कि ईरान के खिलाफ हमला मूल रूप से 2026 के मध्य में किया जाना था, लेकिन परिस्थितियों में बदलाव के कारण इसे पहले अंजाम दिया गया।उनके कार्यालय के अनुसार, ईरान के अंदर की स्थिति, अमेरिका के राष्ट्रपति का रुख और संयुक्त अभियान की संभावना जैसे कारकों के चलते ऑपरेशन को आगे बढ़ाया गया।
ईरानी मिसाइल हमलों में कमी का दावा
अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में ईरान की ओर से दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष ने बताया कि शनिवार के बाद से मिसाइल हमलों की संख्या लगभग 86 प्रतिशत तक घट गई है, जबकि पिछले 24 घंटों में इसमें करीब 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ईरान के एकतरफा हमले वाले ड्रोन हमलों में भी शुरुआती दिनों की तुलना में करीब 73 प्रतिशत गिरावट आई है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान संघर्ष को लंबा खींचने के लिए अपने कुछ हथियारों को अभी सुरक्षित रख सकता है।
तुर्की ने ईरान के राजदूत को किया तलब
मिसाइल हमले के मुद्दे पर तुर्की ने भी कड़ा रुख अपनाया है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने उस घटना के विरोध में ईरान के राजदूत को तलब किया जिसमें एक बैलिस्टिक मिसाइल तुर्की के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले रोकी गई थी। एक तुर्की अधिकारी ने बताया कि सरकार ने इस मामले पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है।
मिसाइल भंडार पर नजर
पश्चिमी अधिकारियों का कहना है कि अगर ईरान मौजूदा गति से मिसाइलें दागता रहा तो उसके पास अभी भी कई दिनों तक चलने वाला मिसाइल भंडार मौजूद है। खुफिया जानकारी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका और इजराइल द्वारा कई लॉन्च साइट नष्ट किए जाने के कारण हमलों की गति धीमी हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान अपने कुछ हथियारों को भविष्य के लिए बचाकर रख सकता है।
एक अन्य अधिकारी ने यह भी चिंता जताई कि जिन देशों को ईरान निशाना बना रहा है, उनके रक्षात्मक मिसाइल भंडार तेजी से कम हो रहे हैं, इसलिए उन्हें अपने संसाधनों का सावधानी से उपयोग करना होगा।
