US Mid Term Elections: अमेरिकी आम चुनाव में पोप लियो ने वोट देकर इतिहास रच दिया है। वेटिकन ने शुक्रवार को पुष्टि की कि शिकागो में जन्मे पोप लियो ने नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव के लिए डाक मतपत्र के जरिए अपना वोट डाला।
अमेरिकी चुनाव में वोट देने वाले पहले पोप बने लियो
वेटिकन ने बयान जारी कर बताया कि पोप लियो, जिनका पूर्व नाम रॉबर्ट प्रीवोस्ट था, ने अमेरिकी नागरिक के रूप में अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल किया। बयान में आगे कहा गया कि पोप ने पेरू में रहने के दौरान भी पात्र होने पर मतदान किया था। वह दो दशक से अधिक समय तक पेरू में मिशनरी पादरी और बिशप के रूप में रहे थे। बयान में कहा गया, "होली फादर नागरिकों के लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हिस्सा लेने के अधिकार और कर्तव्य में अपना विश्वास दिखाते हैं।"
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, पोप लियो के पास अमेरिका और पेरू दोनों देशों की नागरिकता है। इसके अलावा वह एक संप्रभु देश होली सी (The Holy See) के राष्ट्राध्यक्ष भी हैं। वेटिकन सिटी में पूर्ण राजशाही व्यवस्था है, जहां राजनीतिक चुनाव नहीं होते हैं।
मध्यावधि चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज
अमेरिका के इलिनोइस राज्य के मतदाता यह तय कर रहे हैं कि गवर्नर जेबी प्रिट्जकर को तीसरे कार्यकाल के लिए चुना जाए या नहीं। इसके अलावा लंबे समय तक कैथोलिक डेमोक्रेटिक सीनेटर रहे डिक डर्बिन के रिटायरमेंट के बाद खाली हुई अमेरिकी सीनेट सीट पर भी मतदान होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के आखिरी दो सालों के लिए प्रतिनिधि सभा और सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत की।
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सनद रहे कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों की तरह ही मध्यावधि चुनाव भी हर चार साल में होते हैं। हालांकि, मध्यावधि चुनावों के नतीजे राष्ट्रपति पद का फैसला नहीं करते हैं, लेकिन मध्यावधि चुनाव यह तय करते हैं कि आखिर मतदाता संसद में किन प्रतिनिधियों को देखना चाहते हैं। अमेरिकी मतदाता 3 नवंबर, 2026 को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
