पोलैंड में भीषण संवैधानिक संकट, कोर्ट ने कहा 'तख्तापलट' जैसे हालात, आधे रास्ते से फ्लाइट मोड़कर देश पहुंचे राष्ट्रपति

पोलैंड में प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और राष्ट्रपति कारोल नावरोकी के बीच संवैधानिक संकट गहरा गया है। ट्रिब्यूनल के चीफ जस्टिस के निलंबन और भारी पुलिस घेराबंदी के बाद राष्ट्रपति ने अफ्रीका दौरा बीच में रद्द कर वारसॉ वापसी की है।

यूरोपीय देश पोलैंड इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर संवैधानिक और राजनीतिक संकट की चपेट में आ गया है। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की वाम-उदारवादी सरकार और राष्ट्रपति कारोल नावरोकी के बीच चल रही सत्ता की जंग उस वक्त विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गई, जब शुक्रवार रात राजधानी वारसॉ में स्थित संवैधानिक ट्रिब्यूनल के मुख्यालय को भारी पुलिस बल और सशस्त्र सुरक्षा इकाइयों ने घेर लिया। इस अचानक गहराए संकट के चलते सेनेगल की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे राष्ट्रपति कारोल नावरोकी को हवा में ही अपना विमान मोड़कर तुरंत वारसॉ लौटना पड़ा। वहीं, विपक्ष ने टस्क सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने और तख्तापलट करने का सीधा आरोप लगाया है।

donald tusk ap

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क

अटलांटा में G20 बैठक के दौरान विदेश मंत्री सिकोरस्की का बयान

अमेरिका के अटलांटा में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर जब समाचार एजेंसी ANI ने पोलैंड के हालिया घटनाक्रम पर सवाल पूछा, तो पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने अपनी सरकार की कार्रवाई का जोरदार बचाव किया।

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