Putin Invited PM Modi: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले साल रूस की यात्रा के लिए आमंत्रित किया। इसी के साथ ही पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी "शांतिपूर्ण तरीकों" के माध्यम से रूस-यूक्रेन मुद्दे को संबोधित करने के लिए "अपनी पूरी कोशिश करने को तैयार" हैं। पुतिन की यह टिप्पणी बुधवार को क्रेमलिन में विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर के साथ बैठक के दौरान आई।
PM मोदी को पुतिन ने दिया रूस आने का आमंत्रण।
PM मोदी को रूस में देखकर खुशी होगी- पुतिन
रूस के राष्ट्रपति भवन ‘क्रेमलिन’ में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। पुतिन ने जयशंकर से कहा, 'हमें अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को रूस में देखकर खुशी होगी।' रूस की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर यहां आए जयशंकर ने इससे पहले अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। लावरोव के साथ अपनी बातचीत के बाद संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन में जयशंकर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन अगले साल वार्षिक शिखर सम्मेलन में मिलेंगे।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी ने अपनाया ये रुख
पुतिन ने कहा, "हम प्रधानमंत्री मोदी के रुख को जानते हैं और हमने कई मौकों पर इसका बार-बार उल्लेख किया है। खैर, यूक्रेन जैसे फ्लैशप्वाइंट सहित कुछ जटिल घटनाक्रमों के प्रति उनका रवैया।" रूसी राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि उन्होंने यूक्रेन के घटनाक्रम पर मोदी को कई बार सलाह दी है और संकेत दिया है कि इस मामले पर आगे चर्चा होगी। पुतिन ने कहा, "मैंने उन्हें कई बार सलाह दी कि वहां चीजें कैसे चल रही हैं और मुझे पता है कि वह (पीएम मोदी) पूरी कोशिश करने को तैयार हैं ताकि मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीकों से हल किया जा सके। इसलिए, हम शायद अब इस पर गहराई से विचार करेंगे। और हम उस समय आपको अतिरिक्त जानकारी देंगे।"
रूस और भारत के बढ़ते संबंधों पर क्या बोले पुतिन?
रूसी राष्ट्रपति ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच रूस और भारत के बीच बढ़ते संबंधों के लिए भी आभार व्यक्त किया। पुतिन ने कहा, "हमें यह जानकर खुशी हो रही है कि दुनिया भर में हो रही तमाम उथल-पुथल के बावजूद, एशिया में हमारे सच्चे दोस्त भारत के साथ संबंध लगातार आगे बढ़ रहे हैं।"
पुतिन से मुलाकात के बाद एस. जयशंकर की टिप्पणी
इससे पहले अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में जयशंकर ने कहा कि दोनों नेता लगातार संपर्क में रहे हैं। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'आज शाम राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी और एक निजी संदेश सौंपा। राष्ट्रपति पुतिन को उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मेरी चर्चाओं से अवगत कराया। दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने पर उनके मार्गदर्शन की सराहना की।'
एस जयशंकर और व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात।
भारत के प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति के बीच शिखर सम्मेलन दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक साझेदारी में सर्वोच्च संस्थागत संवाद तंत्र है। अब तक भारत और रूस में बारी-बारी से 21 वार्षिक शिखर सम्मेलन हो चुके हैं। पिछला शिखर सम्मेलन दिसंबर 2021 में नयी दिल्ली में हुआ था। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार बढ़ रहा है, खासकर कच्चे तेल और उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के कारण। उन्होंने कहा, 'हमारा व्यापार लगातार दूसरे साल स्थिर गति से बढ़ रहा है। इस साल विकास दर पिछले साल से भी अधिक है।'
