PM Modi arrives in Cyprus: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दो दिवसीय यात्रा पर साइप्रस पहुंचे। एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने खुद पीएम मोदी की आगवानी की। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे। मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में यहां पहुंचे, जिसमें वे कनाडा और क्रोएशिया भी जाएंगे।
साइप्रस पहुंचे पीएम मोदी
दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा
यह दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा है। मोदी ने नई दिल्ली में प्रस्थान वक्तव्य में कहा, साइप्रस एक करीबी मित्र और भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। यह यात्रा ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार, निवेश, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में हमारे संबंधों को बढ़ाने और लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करती है।
राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे
साइप्रस की राजधानी निकोसिया में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे। साइप्रस से वे कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा के कनानास्किस जाएंगे। जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद मोदी क्रोएशिया का दौरा करेंगे और राष्ट्रपति ज़ोरान मिलनोविक और प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ बैठक करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि तीन देशों की उनकी यात्रा, सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को लगातार समर्थन देने के लिए साझेदार देशों को धन्यवाद देने और आतंकवाद के सभी रूपों से निपटने के लिए वैश्विक समझ को बढ़ावा देने का अवसर भी है।
तुर्की के मद्देनजर मोदी की अहम यात्रा
पीएम मोदी की साइप्रस यात्रा इस मायने में भी अहम है कि इस देश का तुर्की के साथ भारी विवाद है। तुर्की ने अवैध रूप से साइप्रस के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा रखा है। तुर्की के राष्ट्रपति तैयप अर्दोगन आतंकी देश पाकिस्तान का भी खुलकर समर्थन करते हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को अपना भाई और दोस्त बता चुके हैं। साइप्रस आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का खुलकर समर्थन कर चुका है। पीएम मोदी का ये दौरा एक तरह से पाकिस्तान के साथ गलबहियां कर रहे तुर्की को भारत का जवाब है। पीएम मोदी के इस दौरे से तुर्की के माथे पर शिकन पड़ना तय है।
