शांति समझौते से सिर्फ युद्ध-पूर्व स्थिति हुई बहाल, अमेरिकी उद्देश्य नहीं हुए पूरे, विशेषज्ञ ने क्या-क्या कहा?

सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के मध्य पूर्व कार्यक्रम के वरिष्ठ फेलो विल टॉडमैन ने बताया, इस समय संयुक्त राज्य अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध शुरू करते समय निर्धारित किसी भी उद्देश्य को प्राप्त नहीं किया है।

एक विशेषज्ञ के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता केवल युद्ध-पूर्व स्थिति की वापसी का प्रतीक है और अगले 60 दिनों में होने वाली बातचीत से यह तय होगा कि क्या वॉशिंगटन उन उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम है जिनके लिए उसने तेहरान पर हमला किया था। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के मध्य पूर्व कार्यक्रम के वरिष्ठ फेलो विल टॉडमैन ने कहा कि शुरुआती समझौते में मुख्य रूप से शत्रुता की समाप्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रावधान है, जिससे ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों से पहले की स्थिति बहाल हो जाएगी।

Iran US Deal

अमेरिका को समझौते से क्या मिला?

अमेरिका और ईरान समझौते पर पहुंचे

टॉडमैन ने पीटीआई को बताया, इस समय संयुक्त राज्य अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध शुरू करते समय निर्धारित किसी भी उद्देश्य को प्राप्त नहीं किया है। अमेरिका और ईरान रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक समझौते पर पहुंचे, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रूट से तेल और प्राकृतिक गैस के शिपमेंट फिर से शुरू होने की उम्मीद है। समझौते का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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