Gaza City : गाजा सिटी को पूरी तरह से अपने कब्जे में लेने के लिए इजरायल की सेना ने सुनियोजित जमीनी हमले का पहला चरण शुरू कर चुकी है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई शुरू होने पर बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी नागरिक गाजा सिटी छोड़कर भागने लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल की सेना शहर के बाहरी इलाके में अपने पैर जमा चुकी है। इस इलाके में लाखों की संख्या में फिलिस्तीनी रहते हैं। यह क्षेत्र पहले ही इजरायल की भीषण बमबारी एवं तोपखाने का शिकार बन चुका है।
गाजा सिटी को पूरी तरह अपने कब्जे में लेना चाहता है इजरायल। तस्वीर-AP
उत्तर-पश्चिमी हिस्से की ओर चले गए हैं लोग
इजरायल के हमले के इस नए अभियान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस को तुरंत युद्धविराम की अपील दोहराने के लिए प्रेरित किया है, ताकि उस 'मौत और तबाही' से बचा जा सके जो किसी हमले से 'अनिवार्य रूप से होगी। इजरायल संकेत देना चाहता है कि वह अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बावजूद गाजा सिटी के पूरे हिस्से पर कब्जा करने की अपनी योजना आगे बढ़ा रहा है। गाजा सिटी के जैतून और सबरा इलाकों के सैकड़ों फिलिस्तीनी शहर के उत्तर-पश्चिमी हिस्से की ओर चले गए हैं।
60,000 रिजर्व सैनिकों को बुलाया जाएगा
इजरायली सेना ने बुधवार को बताया कि रक्षा मंत्री ने गाजा के कुछ सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में अभियान के एक नये चरण की शुरुआत की योजना को मंजूरी दे दी है। सेना के मुताबिक, 60,000 रिजर्व सैनिकों को बुलाया जाएगा और वर्तमान में सेवारत अतिरिक्त 20,000 रिजर्व सैनिकों की सेवा अवधि बढ़ाई जाएगी। इजरायली सेना का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मानवाधिकार समूहों ने चेतावनी दी है कि गाजा में मानवीय संकट और भी बदतर हो सकता है।
गाजा में अधिकांश निवासी विस्थापित हो गए हैं
समूहों ने कहा कि गाजा में अधिकांश निवासी विस्थापित हो गए हैं, विशाल इलाके खंडहर में तब्दील हो गए हैं और लोगों पर अकाल का खतरा मंडरा रहा है। अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि सेना गाजा शहर के उन हिस्सों में अभियान चलाएगी, जहां इजराइली सेना ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है और जहां हमास अब भी सक्रिय है। अधिकारी ने बताया कि इजराइली सैनिक इस अभियान का आधार तैयार करने के लिए गाजा शहर के जितून व जबालिया इलाकों में पहले से ही काम कर रहे हैं तथा इसके लिए आने वाले दिनों में ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
