Pakistan closes its border: इजरायल के साथ संघर्ष शुरू होने पर ईरान के साथ खड़े होने की बात कहने वाला पाकिस्तान अब पलट गया है। ईरान और इजरायल के बीच हमलों में तेजी आने और तेहरान सहित अन्य शहरों से लोगों का विस्थापन शुरू होने के बाद पाकिस्तान ने बलोचिस्तान में ईरान से लगनी वाली अपनी सीमा अनिश्चिताल के लिए बंद कर दी है। बलोचिस्तान प्रांत के वरिष्ठ अधिकारी कादिर बख्श पीरकानी ने समाचार एजेंसी एएफपी के साथ बातचीत में कहा कि सभी पांच जिलों चाघी, वाशुक, पंजगूर, केच और ग्वादर में सीमा केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ।
पाकिस्तान ने पैदल मार्ग भी बंद किया
पाकिस्तान को लगता है कि युद्ध की वजह से ईरान में बडे़ पैमाने पर लोग विस्थापित होंगे और वे सुरक्षित जगहों की तलाश में पाकिस्तान में दाखिल हो सकते हैं। इससे उसके ऊपर घरेलू दबाव बढ़ेगा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होगी। ईरानी लोगों को दाखिल होने से रोकने के लिए पाकिस्तान ने पैदल और ईंधन ले जाने वाले मार्गों को भी बंद कर दिया है। एआरवाई न्यूज के मुताबिक इस बीच पाकिस्तान ने ईरान से अपने 450 तीर्थयात्रियों को निकाला है।
पाक के रक्षा मंत्री ने ईरान के साथ एकजुटता दिखाई थी
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बीते शनिवार को कहा कि सभी मुस्लिम देशों को 'इजरायली आक्रामकता' के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'इस कठिन समय में हम हर तरह से ईरान के साथ खड़े हैं। हम ईरानी हितों की रक्षा करेंगे। ईरानी हमारे भाई हैं और उनका दुख-दर्द हमारा भी है।' आसिफ ने कहा कि इजरायल केवल ईरान को नहीं बल्कि यमन और फिलिस्तीन को भी निशाना बना रहा है, और मुस्लिम जगत की एकता अत्यंत आवश्यक है।
OIC की आपात बैठक बुलाए जाने की मांग की
उन्होंने कहा, 'अगर आज हम चुप रहे और विभाजित रहे, तो अंततः हर किसी को निशाना बनाया जाएगा।' आसिफ ने यह भी मांग की कि ईरान के खिलाफ इज़राइल की कार्रवाई पर इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) की एक आपात बैठक बुलाई जानी चाहिए।
ईरान-इजरायल दोनों एक-दूसरे पर कर रहे हमले
इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने के मद्देनजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यहां जारी जी-7 शिखर सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर अमेरिका के लिए रवाना हो गए। इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने का अंदाजा उस वक्त दुनिया को हुआ जब ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ‘सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए।’दुनिया भर के नेता पूरे विश्व में अनेक क्षेत्रों में जारी तनाव को कम करने में मदद के विशिष्ट लक्ष्य के साथ जी-7 में एकत्र हुए, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर टकराव के कारण यह बाधित हो गया है। इजरायल ने चार दिन पहले ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए थे।
