Shehbaz Sharif Hafiz Saeed Question: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में हिस्सा लेने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भारतीय पत्रकारों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक और प्रतिबंधित आतंकी हाफिज सईद पर मुकदमा चलाने और आतंकवादियों को पनाह देने से जुड़े सवालों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री पूरी तरह असहज नजर आए और बिना कोई जवाब दिए मौन साधे निकल गए।
हाफिज सईद और आतंकवाद के सवाल पर भागे शहबाज शरीफ, UN में साधी चुप्पी; भारतीय न्यूज एजेंसी के पत्रकार को किया इग्नोर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पाकिस्तान की दोहरी नीति और खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को लेकर उस पर करारा हमला बोला है।
आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?: सवालों से बचते दिखे शहबाज
भारतीय समाचार एजेंसी 'एएनआई' (ANI) के संवाददाताओं ने यूएन मुख्यालय में प्रवेश और निकास के दौरान शहबाज शरीफ से दो बार सीधे सवाल दागे:
प्रवेश के दौरान: रिपोर्टर ने पूछा, 'प्रधानमंत्री जी, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?' इस पर शहबाज शरीफ चुपचाप आगे बढ़ गए।
बाहर निकलते समय: दोबारा सवाल किया गया, 'आप लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?' पाकिस्तानी पीएम ने इस बार भी सवाल को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और बिना कुछ बोले अपनी कार में बैठकर चले गए।
गौरतलब है कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद भारत का वांछित आतंकी है। हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की पूरक चार्जशीट में भी हाफिज सईद को आरोपी नंबर-8 बनाया है।
'दूसरों की जमीन पर नजर टिकाने के बजाय कर्ज चुकाए पाकिस्तान'
शहबाज शरीफ की इस चुप्पी से एक दिन पहले, संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने 'जवाब देने के अधिकार' का इस्तेमाल करते हुए सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान की बदहाल आर्थिक स्थिति पर इस्लामाबाद को आईना दिखाया।
भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी की मुख्य बातें:
अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने की सलाह: भारत ने कहा कि पाकिस्तान बेलआउट पैकेज पर जीवित रहने वाली अपनी कर्ज से दबी अर्थव्यवस्था को बचाने और अपने लोगों के विकास पर ध्यान केंद्रित करे, न कि दूसरों की क्षेत्रीय संप्रभुता पर नजर डाले या आतंकवाद का निर्यात करे।
PoK में मानवाधिकारों का हनन: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में निर्दोष नागरिकों की हत्या, ईंधन-दवाइयों जैसी आवश्यक वस्तुओं की नाकेबंदी और दमनकारी नीतियों को उजागर किया।
ढोंग का पर्दाफाश: त्यागी ने कहा कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों की गिरफ्तारियों और PoK में नागरिकों पर जारी अत्याचारों से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान परिषद में नाटक रचता है।
