Pakistan hits Militant targets in Iran: बलूचिस्तान में ईरान के घातक मिसाइल और ड्रोन हमले के के बाद पाकिस्तान भी जवाबी हमले पर उतर आया है। पाकिस्तान ने कथित तौर पर ईरानी क्षेत्र के भीतर आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। ये हमले बलूचिस्तान प्रांत में ईरान द्वारा अंजाम दिए गए हमले के एक दिन बाद हुए हैं। पाकिस्तान मीडिया के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। इस्लामाबाद ने ईरान के हमले को अवैध कार्रवाई करार देते हुए जवाब देने की चेतावनी दी थी। पाकिस्तान ने बुधवार को अपने इलाके में मिसाइल और ड्रोन हमले को अंजाम देने के लिए ईरान की निंदा की थी। इस हमले में बलूचिस्तान में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए थे।
पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बताया
पाकिस्तानी सरकार ने हमले को अपनी संप्रभुता और हवाई क्षेत्र का अकारण उल्लंघन बताया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन है। मंगलवार को हुए ईरानी ऑपरेशन को तेहरान के विदेश मंत्री ने स्वीकार करते हुए दावा किया कि हमले जैश अल-अदल पर किए गए जिसे ईरान एक आतंकवादी संगठन मानता है। जैश उल-अदल यानी न्याय की सेना 2012 में बनाया गया एक सुन्नी आतंकवादी संगठन है, जो बड़े पैमाने पर पाकिस्तान में सीमा पर अपने कारनामों को अंजाम देता है।
ईरान से राजदूत को वापस बुलाया
इस्लामाबाद ने इस हमले के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कड़े कूटनीतिक कदम उठाते हुए ईरान से अपने राजदूत को वापस बुलाना और ईरानी राजदूत को पाकिस्तान लौटने से रोक दिया। पाकिस्तान ने हवाई हमले के बाद गंभीर परिणाम की चेतावनी दी थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुमताज बलूच ने अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन पर गंभीर चिंता जताई और दावा किया कि दोनों देशों के बीच कई स्थापित संचार चैनलों के बावजूद हमला हुआ।
दोनों देशों पर आतंकी समूहों को पनाह देने के आरोप
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों पर सीमा पार हमले करने वाले आतंकवादी समूहों को पनाह देने के आरोप लगे हैं। दोनों देश लगभग 900 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं और इस्लामाबाद और तेहरान दोनों के लिए आतंकी गतिविधियां सुरक्षा चिंताओं का सबब रही है। ईरानी सीमा के करीब सब्ज कोह गांव के पास हालिया हमले के बाद उपजे तनाव ने ईरान और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों को झकझोर दिया है। चीन ने बुधवार को दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। चीनी विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से ऐसे कदमों से बचने का आग्रह किया जिनसे तनाव बढ़ेगा और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
