UNSC Permanent Member: पाकिस्तान के सबसे अहम दोस्तों में से एक तुर्किये ने भारत को लेकर ऐसी बात कह दी है, जो इस्लामाबाद के साथ-साथ बीजिंग को भी नागवार गुजरेगी। चीन और पाकिस्तान जो कभी नहीं चाहते हैं, उसपर अब तुर्की ने भारत के पक्ष में बयान दे दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की वकालत की है। इस बयान को भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।
पीएम मोदी के साथ तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन (फोटो- @PMO)
अमेरिका के बाद अब तुर्किये का समर्थन
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में भारत का समर्थन किया करते हुए कहा कि दुनिया 'पांच से बड़ी' है। उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन द्वारा स्थायी सदस्य के रूप में भारत के साथ यूएनएससी में सुधार के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करने के कुछ ही घंटों बाद आई।
क्या कहा तुर्किये ने
एर्दोआन ने कहा कि सभी गैर-पी5 सदस्यों को बारी-बारी से सुरक्षा परिषद का सदस्य बनने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने एक रोटेशन सिस्टम की भी बात कही, जिससे सभी 195 सदस्य देश संभावित रूप से सदस्य बन सकेंगे। पी5 या सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों - चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका - के संदर्भ में तुर्किये के राष्ट्रपति ने कहा- "दुनिया पांच से कहीं बड़ी है। हमें गर्व होगा अगर भारत जैसा देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बन जाए।"
ब्राजील भी भारत के पक्ष में
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा ने भी रविवार को एक संबोधन के दौरान इस विषय पर बात की थी। उन्होंने उभरती अर्थव्यवस्थाओं के हितों के विषयों को आवाज देने के लिए भारत की सराहना की और तर्क दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यों के रूप में नए विकासशील देशों की आवश्यकता है।
