पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POJK) में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 12 दिनों से पूरे इलाके में धारा 144 और सख्त कर्फ्यू लागू है, लेकिन इसके बावजूद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाक रेंजर्स द्वारा की गई ओपन फायरिंग में अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पीओके (PoK) के मुजफ्फराबाद, रावलकोट और अन्य प्रमुख इलाकों में व्यापारिक संगठनों और आम जनता द्वारा लगातार हड़ताल और शटडाउन किया जा रहा है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POJK) में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। AI IMAGE
इस आर्थिक चक्काजाम से बौखलाई पाकिस्तानी अथॉरिटीज और सुरक्षा बल अब दुकानदारों और व्यापारियों पर जबरन बाजार खोलने का भारी दबाव बना रहे हैं। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनके खिलाफ मुजफ्फरबाद और रावलाकोट जैसे संवेदनशील इलाकों में सेना और पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन और क्रैकडाउन चलाया जा रहा है।
पाक रेंजर्स की बर्बरता: 30 से ज्यादा मौतें, 200 घायल
स्थानीय लोगों के अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं (जैसे बिजली-आटे की महंगाई) को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब खूनी संघर्ष में तब्दील हो चुका है। प्रदर्शनों को दबाने के लिए तैनात किए गए पाक रेंजर्स ने कई जगहों पर भीड़ पर सीधे गोलियां बरसाईं। इस अंधाधुंध फायरिंग में 30 से अधिक स्थानीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और अस्पतालों में घायलों की संख्या 200 के पार पहुंच गई है, जिससे स्थानीय प्रशासन और पाक सरकार के खिलाफ गुस्सा सातवें आसमान पर है।
