Pakistan Crisis: पाकिस्तान की सियासी लड़ाई में अब इमरान खान (Imran Khan) आउट होते दिख रहे हैं। जिस इमरान के लिए 9 मई को उनके नेता और सपोर्टर सड़कों पर उतरे हुए थे, रिहाई की मांग कर रहे थे, गिरफ्तारी दे रहे थे, वही अब उनका साथ छोड़ने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को कई नेता अलविदा कह चुके हैं। गुरुवार को तीन और शुक्रवार को एक बड़े नेता ने पीटीआई का साथ छोड़ दिया है। कई नेताओं ने कहा है कि वो 9 मई की हुई हिंसा से दुखी है।
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सेना के खिलाफ 'जंग'
दरअसल जब इमरान गिरफ्तार हुए तो उनकी पार्टी और उनके समर्थकों ने सीधे सेना पर हमला बोल दिया। सेना मुख्यालय पर धावा बोल दिया। कई जगहों पर सेना के साथ उनकी पार्टी के नेताओं की मुठभेड़ हुई। इमरान तो बाद में रिहा हो गए, लेकिन उनकी सीधी जंग सेना से शुरू हो चुकी है। इमरान सेना के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरे हुए हैं। लेकिन इस लड़ाई में अब तक उनका साथ देने वाले नेता, अब साथ छोड़ने लगे हैं।
कभी थे खास अब हुए विरोधी
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की वरिष्ठ नेता फिरदौस आशिक अवान ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया।उन्होंने नौ मई को हुई हिंसा को लेकर विपक्ष के खिलाफ जारी सरकार की कार्रवाई के बीच इस्तीफा दिया है। वर्ष 2019 से 2020 तक सूचना और प्रसारण मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक के रूप में कार्य करने वालीं 53 वर्षीय अवान ने कहा कि अब पूर्व प्रधानमंत्री खान और पाकिस्तान की राहें जुदा जुदा हैं। वहीं गुरुवार को मलीका बुखारी, जमशेद चीमा और मुसर्रत जमशेद चीमा ने पार्टी को अलविदा कह दिया। इमरान के करीबी सहयोगी और पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने बुधवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इससे एक दिन पहले पाकिस्तान की पूर्व मंत्री और इमरान खान की करीबी सहयोगी शिरीन मजारी ने पीटीआई छोड़ दी थी। साथ ही पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की अर्थव्यवस्था संबंधी टीम के प्रमुख और उनके करीबी सहयोगियों में शुमार असद उमर ने पार्टी में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
