पाकिस्तान, चीन, ईरान, रूस ने किया अफगानिस्तान में सैन्य ठिकाने बनाने का विरोध, ट्रंप जता चुके हैं अपनी ऐसी इच्छा

चारों देशों ने आतंकवाद, युद्ध और मादक पदार्थों से मुक्त, एक स्वतंत्र, एकजुट और शांतिपूर्ण देश के तौर पर अफगानिस्तान के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि वे प्रभावी क्षेत्रीय पहल का समर्थन करते हैं जिसका मकसद इसकी अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाना है।

Military bases in Afghanistan: पाकिस्तान और उसके प्रमुख पड़ोसी देशों चीन और ईरान ने रूस के साथ मिलकर 'अफगानिस्तान और उसके आसपास किसी भी सैन्य अड्डे' की स्थापना का विरोध किया है। साथ ही काबुल की 'संप्रभुता' और 'क्षेत्रीय अखंडता' का सम्मान करने का आह्वान किया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

TRUMP

ट्रंप की अफगानिस्तान में अपने देश की सैन्य उपस्थिति की इच्छा। Photo-AP

ट्रंप की इच्छा

चारों देशों ने यह विरोध ऐसे समय में दर्ज कराया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अफगानिस्तान में अपने देश की सैन्य उपस्थिति की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं।

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