Pakistan News: महंगाई और आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान को जोर का झटका लगा है। मिडिल ईस्ट में अशांति के बीच पाकिस्तान, सूडान के साथ किए गए 1.5 अरब डॉलर के हथियार सौदा करना चाहता था। हालांकि, जब सऊदी अरब ने आपत्ति जताई तो उसने इस सौदे को रद्द कर दिया।
सीजफायर की आड़ में हथियार बेच रहा था पाकिस्तान। AI IMAGE
सऊदी अरब ने खरीदारी के लिए फाइनेंसिंग न करने का फैसला किया। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों की ओर से ये जानकारी सामने आई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस साल जनवरी में सऊदी अरब ने इस सौदे के लिए पाकिस्तान को फंड करने की बात कही थी। हालांकि, उस समय फाइनेंसिंग का खुलासा नहीं किया गया था, लेकिन अब सैदे को रद्द कर दिया गया है।
सूडान में चल क्या रहा है?
बता दें कि सूडान में सेना और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच पिछले तीन साल से हिंसक संघर्ष चल रहा है। इसकी वजह से वहां पर मानवीय संकट बढ़ता जा रहा है। इस गृह युद्ध में सूडानी सेना को सऊदी अरब और RSF को संयुक्त अरब अमीरात सपोर्ट कर रहा है। जिसके चलते मसले का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। सऊदी अरब का उद्देश्य है कि पाकिस्तान से सूडानी सेना को हथियार दिलवाकर वह उसे मजबूत बनाए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हथियार बेचना चाहता पाकिस्तान
पिछले साल भारत के साथ हुए सीमा विवाद (मई 2025) के बाद पाकिस्तान अपने हथियारों और विमानों को 'कॉम्बैट-टेस्टेड' बताकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, लीबिया की नेशनल आर्मी के साथ होने वाला पाकिस्तान का $4 बिलियन का एक और रक्षा सौदा भी अब खतरे में है क्योंकि सऊदी अरब इन क्षेत्रों में अपनी भूमिका पर दोबारा विचार कर रहा है। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वो अपने कुछ हथियार बेचकर कमाई कर लेगा, लेकिन सऊदी अरब ने इस सौदे को रोककर उसे जोर का झटका दिया है।
