अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर अब क्यूबा आ गया है। क्यूबा के साथ अमेरिका के फिर से संबंध बिगड़ने तय है। जिस क्यूबा के साथ ओबामा और बाइडन के समय में प्रतिबंधों में ढील दी गई थी, उसकी अब वापसी हो रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
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30 दिन के भीतर कड़ा फैसला
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शीर्ष कैबिनेट अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे क्यूबा को लेकर अमेरिकी नीति की समीक्षा करें और उसे सख्त बनाएं। राष्ट्रपति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे क्यूबा के संबंध में मौजूदा प्रतिबंधों की जांच करें तथा 30 दिन के भीतर उन्हें और कड़ा करने के लिए कदम उठाएं।
ट्रंप ने दिए कई आदेश
सोमवार को ट्रंप ने कहा कि समीक्षा में असहमति रखने वालों के साथ क्यूबा के व्यवहार, असंतुष्टों को लेकर इसकी नीतियों और वित्तीय लेनदेन को प्रतिबंधित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जो ‘‘क्यूबा के लोगों की कीमत पर क्यूबा सरकार, सेना, खुफिया या सुरक्षा एजेंसियों को अनगिनत लाभ पहुंचाते हैं’’। आदेश में कहा गया है कि एक संभावित महत्वपूर्ण बदलाव में अमेरिका को द्वीप पर सभी पर्यटन को बंद करने और शैक्षिक पर्यटन को केवल अमेरिकी नागरिकों द्वारा आयोजित और संचालित समूहों तक सीमित करने के तरीकों की तलाश करनी चाहिए।
पहले दी गई थी प्रतिबंधों में ढील
यह कदम कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि ट्रंप ने पहले ही कहा था कि वह क्यूबा में प्रतिबंधों और अन्य दंडों में ढील को रद्द करने की योजना बना रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपतियों और डेमोक्रेट नेताओं बराक ओबामा तथा जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान क्यूबा पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दी गई थी।
