रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 21 फरवरी को एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका के साथ बची एकमात्र परमाणु संधि को निलंबित दिया। उन्होंने रूसी संसद को अपने 'स्टेट ऑफ द नेशन' संबोधन में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा, मैं आज घोषणा करने के लिए मजबूर हूं कि रूस रणनीतिक आक्रामक हथियारों की संधि में अपनी भागीदारी को निलंबित कर रहा है। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मास्को न्यू स्टार्ट संधि से बाहर नहीं निकलेगा, जो दोनों पक्षों को लंबी दूरी के 1550 परमाणु हथियार तक सीमित करता है, लेकिन अस्थायी रूप से इससे पीछे हट जाएगा। 2010 में हस्ताक्षरित इस संधि को 2021 में पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया था।
रूस के पास कितने परमाणु हथियार
न्यू स्टार्ट संधि से रूस-अमेरिका के बीच हथियारों की होड़ पर अंकुश
ये संधि दोनों देशों के लिए इस मायने में अहम है कि इसमें हथियारों को दौड़ पर अंकुश लगता है। अमेरिका और रूस शीत युद्ध के समय के दुश्मन हैं। दोनों ही देशों ने आपसी प्रतिद्वंदिता में हजारों सामरिक विनाश के हथियार बनाए। जब इनकी संख्या बढ़ी तो बाद में अमेरिका और रूस ने आपस में एक संधि कर ली। परमाणु हथियारों की संख्या को 1550 तक सीमित करना इस संधि का उद्देश्य बताया जाता है। इस संधि को न्यू स्टार्ट संधि का नाम दिया गया था। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि इस वक्त रूस पर पास कितने परमाणु हथियार हैं और अमेरिका समेता बाकी परमाणु संपन्न देशों की क्या स्थिति है।
फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के अनुसार, रूस के पास 5,977 परमाणु हथियार हैं। हालांकि इसमें लगभग 1,500 ऐसे हथियार शामिल हैं जो रिटायर हो चुके हैं और नष्ट किए जाने के लिए तैयार हैं। बाकी 4,500 में से अधिकांश को रणनीतिक परमाणु हथियार माना जाता है। ये बैलिस्टिक मिसाइल या रॉकेट हैं जिन्हें लंबी दूरी के लिए लक्षित किया जा सकता है। ये आमतौर पर परमाणु युद्ध से जुड़े हथियार हैं।
रूस के पास कितने हथियार?
इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल - 1,185
सबमैरीन लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल - 800
एयर लॉन्च न्यूक्लियर बॉम्बर - 580
(फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट के आंकड़े)
बाकी युद्ध के मैदान या समुद्र में कम दूरी के उपयोग के लिए छोटे और कम विनाशकारी परमाणु हथियार हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि रूस के पास हजारों लंबी दूरी के परमाणु हथियार नहीं हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि लगभग 1,500 रूसी हथियार अभी तैनात हैं, यानि ये हथियार बमवर्षक ठिकानों या समुद्र में पनडुब्बियों पर स्थित है।
फिलहाल नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं: चीन, फ्रांस, भारत, इजराइल, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, रूस, अमेरिका और ब्रिटेन। चीन, फ्रांस, रूस, अमेरिका और यूके भी उन 191 देशों में शामिल हैं, जिन्होंने परमाणु हथियारों के अप्रसार पर संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौते के तहत उन्हें अपने परमाणु हथियारों के भंडार को कम करना होगा और सिद्धांत रूप में पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस संधि के बाद 1970 और 80 के दशक से इन देशों में हथियारों की संख्या कम की गई है।
किस देश के पास कितने हथियार?
रूस - 5,977
नाटो - 5,943 (अमेरिका- 5,428, फ्रांस- 290, यूके-225)
चीन - 350
पाकिस्तान - 165
भारत - 160
इजराइल - 90
उ. कोरिया - 20
भारत, इजराइल और पाकिस्तान कभी भी एनपीटी में शामिल नहीं हुए और उत्तर कोरिया ने 2003 में इसे छोड़ दिया था। इजराइल नौ में से एकमात्र देश है जिसने कभी भी औपचारिक रूप से अपने परमाणु कार्यक्रम को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन माना जाता है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं। यूक्रेन के पास कोई परमाणु हथियार नहीं है और राष्ट्रपति पुतिन के आरोपों के बावजूद इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उसने इन्हें हासिल करने की कोशिश की है।
