काठमांडू : नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ और जलप्रलय के बाद भारत ने हरसंभव मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दी गई मदद की पेशकश के लिए भारत का आभार जताया है। शाह ने मोदी के एकजुटता संदेश और नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की सराहना की। नेपाल पीएमओ ने कहा कि इस कठिन समय में भारत का समर्थन और मदद की पेशकश दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत दोस्ताना संबंधों को दर्शाती है। नेपाल ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच इन गहरे और स्थायी संबंधों को बेहद महत्व देता है।
पीएम नरेंद्र मोदी और नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह (फोटो-Facbook)
तिब्बत से आई भीषण बाढ़ के कारण मध्य नेपाल के कई शहरों और गांवों में भारी तबाही हुई है। हादसे में करीब 100 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 750 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ के तेज बहाव में कई महत्वपूर्ण पुल बह गए हैं और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
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दोस्ताना संबंधों का मिला फायदा
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुश्किल समय में नेपाल के साथ एकजुटता दिखाने और सहायता की पेशकश के लिए भारत का आभार है। उन्होंने मोदी की संवेदनाओं और मदद की पेशकश को दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंधों का प्रतीक बताया।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर अपनी संवेदना व्यक्त की।
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मोदी ने कहा था कि भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय टीमें नेपाल में बचाव और राहत कार्यों के लिए स्थानीय एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय कर रही हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी है। लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में जरूरी राहत सामग्री और सहायता पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है।
भारतीय वायसेना मदद के लिए अलर्ट
भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपने परिवहन विमानों के पूरे बेड़े को स्टैंडबाय (अलर्ट) पर रख दिया है। भारत ने नेपाल में आई बाढ़ के बाद 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाईयां भेजी हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पोस्ट कर जानकारी दी है। राहत सामग्री लेकर वायुसेना का C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान (IAF C130J Relief Operations) नेपाल के लिए रवाना होने की पूरी तैयारी में है। इसके अलावा C-17 ग्लोबमास्टर और C-295 विमानों को भी आपात स्थिति के लिए अलर्ट रखा गया है।
