मुंबई के अंधेरी इलाके के एक डॉक्टर दंपत्ति के नेपाल में मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता होने की खबर है। उनके परिवार ने राज्य सरकार से उन्हें जल्द ढूंढने और सुरक्षित वापस लाने की अपील की है। मुंबई के अंधेरी के रहने वाले एक डॉक्टर दंपत्ति, जो मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे, लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल में मुंबई के डॉक्टर दंपति लापता!
डॉ. मिलिंद चितले और उनकी पत्नी डॉ. जानवी चितले यात्रा के लिए नेपाल गए थे। नेपाल में हुई एक घटना के बाद से परिवार उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा है। मिलिंद चितले MIDC, अंधेरी ईस्ट के मालपा डोंगरी इलाके में एक क्लिनिक चलाते हैं। यह क्लिनिक 24 अगस्त से बंद है।क्लिनिक के बाहर लगे एक नोटिस में बताया गया है कि डॉक्टर 24 अगस्त से 6 सितंबर तक मानसरोवर यात्रा पर रहेंगे।
डॉ. चितले के लिए डॉक्टरी एक पेशा था, लेकिन पर्वतारोहण उनका जुनून
डॉ. मिलिंद चितले के लिए डॉक्टरी एक पेशा था, लेकिन पर्वतारोहण उनका जुनून था। MBBS पूरा करने और डॉक्टर के तौर पर करियर शुरू करने के बाद, पहाड़ों और एडवेंचर के लिए उनका बढ़ता लगाव उन्हें पर्वतारोहण की ओर ले गया। इसी जुनून के चलते उन्होंने एक एडवेंचर कंपनी बनाई और तीन दशकों से ज्यादा समय तक कई अभियानों (Expeditions) का नेतृत्व किया।
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लापता हुए भारतीयों में यह अनुभवी पर्वतारोही भी शामिल थे
नेपाल में अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) के बाद लापता हुए भारतीयों में ये अनुभवी पर्वतारोही भी शामिल थे। चितले, उनकी पत्नी जान्हवी और मुंबई स्थित उनकी एडवेंचर कंपनी 'हिल्स एंड ट्रेल्स' के जरिए कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए लगभग 40 तीर्थयात्रियों के समूह के कई सदस्यों से संपर्क नहीं हो पा रहा था।
नेपाल में हुई घटना के बाद से परिवार डॉक्टर दंपत्ति से संपर्क नहीं कर पा रहा है
नेपाल में हुई घटना के बाद से परिवार डॉक्टर दंपत्ति से संपर्क नहीं कर पा रहा है। संपर्क न हो पाने के कारण परिवार के सदस्यों और परिचितों में चिंता बढ़ गई है।परिवार के सदस्यों ने राज्य सरकार से अपील की है कि डॉ. मिलिंद चितले और उनकी पत्नी डॉ. जानवी चितले का जल्द से जल्द पता लगाया जाए और उनकी भारत सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही मची है
चीन सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से बर्फ और चट्टानों के खिसकने (Avalanche) के कारण बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही मची है। नेपाल पुलिस के अनुसार, इस आपदा में 626 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 2,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है; पूरे इलाके में सड़कें, पुल, बस्तियां और पनबिजली (हाइड्रोपावर) इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट हो गए हैं।
