100 people killed in Sudan- सूडान में जारी गृहयुद्ध के बीच एक भीषण ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों पर नजर रखने वाले मानवाधिकार संगठन 'इमरजेंसी लॉयर्स' के अनुसार, दक्षिण दारफुर प्रांत की राजधानी न्याला (Nyala) के एक व्यस्त बाजार में सूडानी सेना द्वारा किए गए ड्रोन हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। मानवाधिकार समूह 'इमरजेंसी लॉयर्स' के बयान के अनुसार, हमला सोमवार शाम को हुआ। मारे गए और घायल हुए 113 लोगों में से अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं।
सूडान में सेना का कहर (File photo)
संगठन ने इस हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा, इस नरसंहार ने एक नागरिक बाज़ार को सामूहिक हत्या और तबाही के मैदान में बदल दिया। यह हमला निवासियों के जीवन के लिए खतरा है और जारी युद्ध के बीच उनकी पीड़ा को कई गुना बढ़ाता है। संगठन ने घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
'एमएसएफ' (MSF) की रिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संगठन 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' (Médecins Sans Frontières - MSF) ने बताया कि न्याला स्थित उनके अस्पताल में 36 शव लाए गए, जबकि आपातकालीन कक्ष में 150 से अधिक घायलों का इलाज किया गया। संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, दोनों पक्षों द्वारा विस्फोटक ले जाने वाले ड्रोनों का इस्तेमाल नागरिकों के लिए सबसे घातक खतरा बन चुका है। पिछले कुछ हफ्तों में सूडानी सेना और RSF दोनों की ओर से ड्रोन हमलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं।
ड्रोन हमलों के जरिए अस्पतालों, बांधों, स्कूलों, बाजारों और विस्थापित शिविरों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया जा रहा है। यूएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध ने दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट पैदा कर दिया है, जहां सूडान के लगभग 3.4 करोड़ लोग (कुल आबादी का लगभग दो-तिहाई) सहायता और राहत पर निर्भर हैं।
पावर सबस्टेशन पर ड्रोन हमला
बाजार पर हमले के अलावा, सूडान की राजधानी खार्तूम के बाहरी इलाके ओमडुरमैन (Omdurman) में एक प्रमुख पावर सबस्टेशन पर भी ड्रोन हमला हुआ है। सूडानी इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार, ओमडुरमैन स्थित अल-मरखियात (Al-Markhiyat) ट्रांसफॉर्मर स्टेशन पर तड़के करीब 4:30 बजे ड्रोन से हमला किया गया। इस स्टेशन पर इस साल का यह दूसरा हमला है, जिसका आरोप पैरामिलिट्री RSF पर लगाया गया है।
- खार्तूम के बड़े हिस्सों में 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही।
- अस्पताल और बेकरियां पूरी तरह जनरेटरों पर निर्भर हो गईं और पूरे खार्तूम में जल आपूर्ति सीमित हो गई।
- अधिकारी के अनुसार, राजधानी की लगभग 60% बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे जल शोधन व वितरण स्टेशन सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
सबस्टेशन के पास रहने वाले निवासी अब्दुल-हाफिज अब्दुल-मुताल ने बताया, सुबह करीब 4:30 बजे जब मैं भोर की नमाज के लिए जा रहा था, तभी मुझे पास से ड्रोन की आवाज सुनाई दी और कुछ ही पलों बाद एक भीषण धमाका हुआ। बिजली चली गई और मैंने ट्रांसफॉर्मर स्टेशन पर आग की लपटें जलती देखीं।
2023 से भीषण युद्ध जारी
सूडान में सेना और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच तनाव अप्रैल 2023 में भीषण युद्ध के रूप में बदल गया था, जो खार्तूम से शुरू होकर पूरे देश में फैल गया। मई 2025 में सूडानी सेना द्वारा राजधानी खार्तूम पर वापस नियंत्रण हासिल करने के बाद से वहां ड्रोन हमले कम हो गए थे, लेकिन इस नए हमले ने एक बार फिर खार्तूम की बिजली और पानी जैसी आवश्यक सेवाओं को ठप कर दिया है।
