पश्चिम देशों में भारत के बारे में फैलाई जा रहीं भ्रामक सूचनाएं और झूठी धारणाएं, लेकिन यह बदला हुआ भारत है, बोले प्रमुख भारतीय-अमेरिकी विशेषज्ञ

  • Agency by: Agency
  • Updated May 13, 2024, 11:28 AM IST

अमेरिका सहित पश्चिमी देशों में कई समाचार लेखों और टिप्पणियों में भारत के लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी और मानवाधिकारों को लेकर उठ रहे सवालों के बारे में बराई ने कहा कि लोगों का एक वर्ग भारत के बारे में भ्रामक सूचनाएं और झूठी धारणाएं गढ़ रहा है।

Bharat Barai: एक प्रमुख भारतीय अमेरिकी ऑन्कोलॉजिस्ट का कहना है कि भारत में आम चुनावों के बीच पश्चिमी देशों में भारतीय लोकतंत्र के बारे में भ्रामक सूचनाएं और झूठी धारणाएं गढ़ी जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम में कुछ लोग अभी भी औपनिवेशिक मानसिकता बरकरार रखे हुए हैं। शिकागो में रहने वाले डॉ. भरत बराई ने एक साक्षात्कार में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर उन सिख अलगाववादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए निशाना साधा, जो भारत के भीतर और भारतीय नेताओं के खिलाफ हिंसा की खुलकर योजना बनाते हैं और हिंसा का समर्थन करते हैं।

Bhart Barai

भरत बराई

खालिस्तानी अमेरिकी नागरिक हैं या फिर कनाडाई

डॉ. बराई ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, खालिस्तान की समस्या सिर्फ और सिर्फ कनाडा में और थोड़ी बहुत अमेरिका में है। अगर अमेरिकी सरकार उन्हें जमीन का एक टुकड़ा देना चाहती है तो उन्हें खुश रहने दीजिये। आखिरकार वे (खालिस्तानी समर्थक) विदेशी नागरिक हैं। वे या तो अमेरिकी नागरिक हैं या फिर कनाडाई हैं। भारत में क्या हो रहा है उसमें हस्तक्षेप करने का उनके पास क्या अधिकार है?

End of Feed