अमेरिका और ईरान के बीच संभावित नए सैन्य टकराव की आशंकाओं के बीच पश्चिम एशिया में कूटनीतिक हलचलों में तेजी आ गई है। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति बहाल करने के उपायों पर गहन चर्चा हुई। वहीं दूसरी ओर, छिड़े संघर्ष के बीच पड़ोसी देश यमन के एक बाजार पर हुए घातक हवाई हमले में 30 से अधिक लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी (फाइल फोटो)
डोनाल्ड ट्रंप और कतर के अमीर के बीच वार्ता
कतर के अमीर के मीडिया कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप और शेख तमीम के बीच हुई बातचीत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने और मध्यस्थता प्रयासों पर केंद्रित थी। बातचीत के दौरान कतर द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐसा व्यापक समझौता कराने पर ध्यान केंद्रित किया गया जो 8 महीने से जारी युद्ध को समाप्त कर सके। कतर के अमीर ने जोर देकर कहा कि विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक रास्तों और निरंतर संवाद को अपनाना आवश्यक है, ताकि क्षेत्र को और अधिक सैन्य संघर्ष से बचाया जा सके और समुद्री नेविगेशन और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कतर ने ईरान को सौंपा प्रस्ताव, तेहरान कर रहा समीक्षा
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य मध्यस्थ कतर ने ईरान को अमेरिका के साथ उसके मतभेदों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए नए प्रस्ताव सौंपे हैं। ईरान इन प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है, जिससे दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू होने की उम्मीद जगी है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ईरानी पक्ष फिलहाल ट्रंप प्रशासन के साथ तब तक सीधे बातचीत के लिए तैयार नहीं है, जब तक कि अमेरिका किसी भी संभावित युद्धविराम समझौते में तेहरान की मुख्य मांगों को शामिल करने पर सहमत नहीं हो जाता।
ईरानी विदेश मंत्री की क्षेत्रीय 'फोन डिप्लोमेसी'
तनाव को कम करने के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी शुक्रवार को अपने इराकी और ट्यूनीशियाई समकक्षों के साथ अलग-अलग फोन पर बातचीत की। इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन के साथ बातचीत में अराघची ने वाशिंगटन के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का खाका साझा किया। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, बातचीत के लिए समय-सारणी तय करने और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों को शामिल करने की रूपरेखा शामिल है। इससे पहले अराघची ने तुर्की, मिस्र और खाड़ी देशों के नेताओं से भी नौवहन की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती ने भी दोनों पक्षों से लचीलापन दिखाते हुए कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। पश्चिम एशिया में जारी भारी संघर्ष के बीच जहां एक तरफ यमन जैसे इलाकों में मानवीय संकट गहरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कतर और क्षेत्रीय मध्यस्थों की यह पहल शांति की नई किरण दिखा रही है।
