Japan PM Fumio Kishida India Visit: जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा दो दिन की यात्रा पर आज भारत पहुंचे। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने उनकी आगवानी की। किशिदा की भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने के एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है। भारत और जापान के बीच मार्च 2022 में आयोजित पिछली शिखर बैठक के बाद से अब संबंधों को द्विपक्षीय स्तर पर आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण समय है क्योंकि नई दिल्ली और टोक्यो दोनों G20 और G7 की अध्यक्षता कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी है।
जापान के प्रधानमंत्री भारत पहुंचे
#WATCH | Japanese Prime Minister Fumio Kishida arrives in Delhi on a two-day visit.Union Minister Rajeev Chandras… t.co/jgS4AbdevS
— ANI (@ANI) Mar 20, 2023
रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी और उनके जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा ने सोमवार को भारत-जापान वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने का संकल्प लिया और कहा कि यह शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी सहयोग, व्यापार, स्वास्थ्य और डिजिटल साझेदारी पर विचारों का आदान प्रदान किया।
वार्ता के बाद मीडिया को दिए साझा बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत-जापान ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय पटल पर कानून के सम्मान पर आधारित है। इस साझेदारी को मजबूत बनाना हमारे दोनों देशों के लिए तो महत्वपूर्ण है ही, इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर और अन्य महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में विश्वस्त आपूर्ति श्रृंखला के महत्व पर भी दोनों नेताओं के बीच सार्थक चर्चा हुई। पिछले साल भारत में पांच लाख करोड़ येन (3,20,000 करोड़ रुपये) के निवेश के जापान के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि यह संतोष का विषय है कि इस दिशा में अच्छी प्रगति हुई है।
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर भी बात
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता भागीदारी (आईजेआईसीपी) की स्थापना का भी जिक्र किया और कहा कि इसके अंतर्गत दोनों देश लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), वस्त्र संबंधी उपकरण और इस्पात जैसे क्षेत्रों में भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आज हमने इस साझेदारी की सक्रियता पर भी प्रसन्नता व्यक्त की है। पीएम मोदी ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान वर्ष 2023 को टूरिज्म एक्सचेंज वर्ष के रूप में मना रहे हैं और इसके लिए दोनों देशों ने ‘कनेक्टिंग हिमालयाज विद माउंट फूजी’ नाम का थीम चुना है। उन्होंने कहा कि भारत जी-20 और जापान जी-7 की अध्यक्षता कर रहा है, इसलिए अपनी-अपनी प्राथमिकताओं और हितों पर साथ मिलकर काम करने का यह उत्तम अवसर है। मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री किशिदा को भारत की जी-20 अध्यक्षता की प्राथमिकताओं के बारे में विस्तार से बताया।
ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं का जिक्र
उन्होंने कहा, हमारी जी-20 अध्यक्षता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आवाज देना है। वसुधैव कुटुंबकम को मानने वाली संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है और इसलिए हमने यह पहल की है। पीएम मोदी ने बताया कि जापानी प्रधानमंत्री ने मई महीने में हिरोशिमा में होने वाले जी-7 सम्मेलन के लिए निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि इसके बाद सितंबर में जी-20 सम्मेलन के लिए उन्हें प्रधानमंत्री किशिदा का फिर से भारत में स्वागत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा, हमारी बातचीत और संपर्कों का यह सिलसिला इसी प्रकार चलता रहे और भारत जापान संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छूते रहें।
जापान के प्रधानमंत्री करीब 27 घंटे की यात्रा पर सोमवार सुबह करीब आठ बजे दिल्ली पहुंचे। किशिदा ने कहा कि नई दिल्ली के साथ टोक्यो का आर्थिक सहयोग तेजी से बढ़ रहा है और यह न केवल भारत के आगे के विकास का समर्थन करेगा, बल्कि जापान के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर पैदा करेगा। किशिदा ने कहा कि मैं आज भारत की धरती पर मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी योजना का अनावरण करूंगा।
जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने मई में जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए मोदी को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है और उनके भारतीय समकक्ष ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया। वार्ता से पहले भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने द्विपक्षीय प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता से पहले जापान के प्रधानमंत्री किशिदा का स्वागत किया। दोनों नेताओं के लिए हमारे द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करने और कोविड-19 के बाद शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध दुनिया के लिए भारत-जापान साझेदारी को और विस्तारित करने का अवसर है।
दोनों नेता दिल्ली के बुद्धा जयंती पार्क भी पहुंचे।
Prime Minister Narendra Modi and Japanese PM Fumio Kishida visit Buddha Jayanti Park in Delhi; also visit the Bal B… t.co/s3EG3zv0NQ
— ANI (@ANI) Mar 20, 2023
पीएम मोदी की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल की बातचीत
किशिदा की भारत यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों, जैसे कि खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा, ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता पर दोनों देशों द्वारा काम करने को लेकर सहमति बन सकती है। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में जापानी पीएम किशिदा ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यहां दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता भी हुई जिसमें पीएम मोदी के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए।#WATCH | Prime Minister Narendra Modi and Japanese Prime Minister Fumio Kishida hold delegation-level talks at Hyde… t.co/0gLvx1OnX5
— ANI (@ANI) Mar 20, 2023
किशिदा को चंदन की बुद्ध प्रतिमा उपहार में दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी पीएम फुमियो किशिदा को कदमवुड जाली बॉक्स में कर्नाटक की चंदन की बुद्ध प्रतिमा उपहार में दी।
Prime Minister Narendra Modi gifts a Sandalwood Buddha Statue from Karnataka in Kadamwood Jali Box to Japanese PM F… t.co/M9cec6OwOw
— ANI (@ANI) Mar 20, 2023
जापानी पीएम ने क्या-क्या कहा
- हिंद-प्रशांत में शांति व स्थिरता के लिए भारत अपरिहार्य।
- संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत का दुनिया के हर कोने में पालन किया जाना चाहिए।
- जापान दक्षिण एशियाई क्षेत्र में स्थिरता में योगदान देने के लिए भारत के साथ नजदीकी सहयोग करेगा।
- यूक्रेन के खिलाफ रूस के हमले की कड़ी निंदा करता है जापान।
