फ्राई से लेकर फ्लाई तक... कुकिंग ऑयल से कैसे हवाई जहाज उड़ाएगा जापान? जानिए ये नायाब तरीका

कार्बन उत्सर्जन कम करने की वैश्विक चुनौती के बीच जापान इस्तेमाल हो चुके कुकिंग ऑयल को सतत विमानन ईंधन (SAF) में बदलने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है। "फ्राई टू फ्लाई" अभियान के तहत घरों और रेस्तरां से इस्तेमाल किया गया तेल इकट्ठा कर उसे विमान ईंधन में बदला जा रहा है। जापान का लक्ष्य 2030 तक अपनी कुल विमान ईंधन जरूरत का 10 प्रतिशत हिस्सा SAF से पूरा करना है। हालांकि कच्चे माल की सीमित उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है, लेकिन यह पहल पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा सुरक्षा और सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

दुनियाभर में विमानन क्षेत्र को कार्बन उत्सर्जन कम करने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जापान ने एक अनोखा और पर्यावरण-अनुकूल रास्ता चुना है। जापान अब घरों और रेस्तरां में इस्तेमाल हो चुके कुकिंग ऑयल (Used Cooking Oil) को इकट्ठा करके उसे सतत विमानन ईंधन (Sustainable Aviation Fuel) में बदल रहा है। यही ईंधन भविष्य में विमानों को उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

japan

कुकिंग ऑयल को इकट्ठा करके उसे सतत विमानन ईंधन में बदल रहा जापान। AI IMAGE

क्या है सतत विमानन ईंधन?

एसएएफ (SAF) ऐसा विमान ईंधन है जिसे जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) के बजाय इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल, बायोमास और अन्य नवीकरणीय स्रोतों से तैयार किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे मौजूदा विमानों और ईंधन ढांचे में बिना किसी बड़े बदलाव के इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पारंपरिक जेट ईंधन की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी लाई जा सकती है।

End of Feed