Netanyahu Prostate Cancer: इजरायली PM नेतन्याहू कैंसर से पीड़ित रहे हैं, अब उन्होंने खुद ट्वीट कर बताया कि कब और कैसे अपना इलाज कराया और उनकी तबियत अब कैसी है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह 'पूरी तरह से स्वस्थ' हैं। यह बात उनकी सालाना मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद कही गई, जिसमें पता चला था कि उनके शरीर से एक घातक ट्यूमर निकाला गया है।
इजरायली PM नेतन्याहू (फाइल फोटो)
शुक्रवार को X पर एक पोस्ट में, नेतन्याहू ने बताया कि बढ़े हुए प्रोस्टेट की सफल सर्जरी के बाद नियमित मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों को उनके शरीर में शुरुआती चरण का एक घातक ट्यूमर मिला था। उन्होंने आगे कहा कि इलाज के बाद 'समस्या पूरी तरह से खत्म हो गई है और उसका कोई निशान भी बाकी नहीं है।'
'अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने में देरी करने का अनुरोध'
नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने में देरी करने का अनुरोध किया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि यह जानकारी उस समय सामने न आए जब अमेरिका और इजरायल, ईरान के साथ युद्ध के चरम पर थे। इसका मकसद तेहरान को 'इजरायल के खिलाफ और भी ज़्यादा झूठा प्रोपेगैंडा फैलाने से रोकना' था।
'भगवान का शुक्र है, अब वह समस्या पीछे छूट गई है'
76 वर्षीय इजरायली नेता ने बताया कि उन्होंने 2024 में बढ़े हुए प्रोस्टेट के लिए शुरुआती सर्जरी करवाई थी और तब से वह नियमित मेडिकल निगरानी में हैं। हाल ही में हुई जांच के दौरान 'एक सेंटीमीटर से भी छोटा एक धब्बा' पाया गया था। उन्होंने कहा, 'मेरे प्रोस्टेट में एक छोटी सी मेडिकल समस्या थी, जिसका पूरी तरह से इलाज हो गया है। भगवान का शुक्र है, अब वह समस्या पीछे छूट गई है।'
'यह बात राष्ट्रीय स्तर पर भी सच है और व्यक्तिगत स्तर पर भी'
अपनी लंबी पोस्ट में, नेतन्याहू ने यह भी कहा कि उन्होंने इलाज करवाने का फैसला इसलिए किया क्योंकि 'जब मुझे किसी संभावित खतरे के बारे में समय रहते जानकारी मिलती है, तो मैं तुरंत उसका समाधान करना चाहता हूं।' उन्होंने आगे कहा- 'यह बात राष्ट्रीय स्तर पर भी सच है और व्यक्तिगत स्तर पर भी।'
नेतन्याहू आने वाले हफ्तों में व्हाइट हाउस का दौरा करने वाले हैं
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब नेतन्याहू आने वाले हफ्तों में व्हाइट हाउस का दौरा करने वाले हैं। इस दौरे का मकसद ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका द्वारा एक लंबे समय तक चलने वाली शांति संधि करवाने की कोशिश करना है। इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच हुई लड़ाई के बाद, लेबनान के साथ इजरायल का संघर्ष-विराम समझौता भी तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है।
