इजरायल की हथियार निर्माता कंपनी 'तोमेर' (Tomer) के कारखाने में एक जोरदार धमाका हुआ है। धमाके से जुड़ी वीडियो को खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ट्रूथ सोशल के जरिए पोस्ट किया। यह विस्फोट इसलिए बेहद गंभीर माना जा रहा है क्योंकि तोमेर कंपनी इसराइल के सैन्य और हवाई सुरक्षा तंत्र की रीढ़ मानी जाने वाली मिसाइलों और रॉकेटों के इंजनों का विकास व निर्माण करती है।
इजरायल में स्थित तोमेर के कारखाने में हुआ जोरदार धमाका। AI IMAGE
इस कारखाने में इजरायल के सबसे आधुनिक और भारी-हल्के रॉकेट इंजनों को तैयार किया जाता है, जो देश की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
फैक्ट्री में बनते हैं ये खतरनाक हथियार
जिस कारखाने में यह धमाका हुआ है, वहां इजरायल के हवाई सुरक्षा कवच (Air Defence System) के सबसे प्रमुख हथियारों, जैसे 'एरो 2' और 'एरो 3' मिसाइलों के प्रणोदन इंजन बनाए जाते हैं।
ये वही मिसाइलें हैं जो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की क्षमता रखती हैं। इसके अलावा, इस फैक्ट्री में टारगेटेड 'सिल्वर एंकर'रॉकेट इंजन, अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले 'होराइजन' औद्योगिक उपग्रहों के इंजन, और इसराइल के प्रसिद्ध 'बराक 8' (Barak 8) व 'बराक एमएक्स' मिसाइलों के इंजनों का निर्माण भी किया जाता है।
फिलहाल इस विस्फोट की वजह से हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी और धमाके के पीछे के असली कारणों की जांच की जा रही है।
इजरायली हमले में मारा गया हमास का सैन्य प्रमुख अल-हदाद
इससे पहले इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने शनिवार को दावा किया कि उन्होंने गाजा सिटी में एक सटीक हवाई हमले में हमास की सैन्य शाखा 'अल-कस्साम ब्रिगेड' के मुख्य कमांडर इज-अल-दीन अल-हदाद (Izz al-Din al-Haddad) को मार गिराया है। अल-हदाद उन आखिरी जीवित शीर्ष योजनाकारों में से एक था, जिसने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए विनाशकारी हमलों की रूपरेखा तैयार की थी। हमास के प्रवक्ता हाजेम कासिम ने सोशल मीडिया पर अल-हदाद के मारे जाने की पुष्टि की है।
मोहम्मद सिनवार की मौत के बाद संभाली थी कमान
इजरायली सेना के मुताबिक, अल-हदाद ने अपने पूर्ववर्ती कमांडर मोहम्मद सिनवार के मारे जाने के बाद हमास के सैन्य विंग की कमान संभाली थी। वह हाल के दिनों में गाजा में हमास की लड़ाकू क्षमताओं को दोबारा खड़ा करने और इजरायली नागरिकों व सैनिकों पर नए हमलों की योजना बनाने में जुटा था। इजरायली सेना प्रमुख ने इस ऑपरेशन को एक बड़ी रणनीतिक कामयाबी बताया है और कहा है कि इजरायल अपने दुश्मनों का पीछा करना तब तक जारी रखेगा जब तक उन्हें उनके किए की सजा नहीं मिल जाती।
