इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के चीफ ऑफ स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हलेवी ने 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास हमले में आईडीएफ की नाकामी के लिए अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह 6 मार्च, 2025 को अपना पद छोड़ देंगे। इस फैसले के पीछे मुख्य कारण 7 अक्टूबर के हमले के दौरान आईडीएफ की असफलता थी, जिसमें हमास के हमले में इजरायल के नागरिकों को भारी नुकसान हुआ और हजारों लोग मारे गए या घायल हुए, और सैकड़ों को बंधक बना लिया गया।
आईडीएफ चीफ का इस्तीफा (फोटो- @IDF)
ये भी पढ़ें- शी जिनपिंग से टकराएंगे ट्रंप या फिर करेंगे दोस्ती? 10 प्वाइंट में समझिए अमेरिका की नई सरकार की नई रणनीति
क्यों दिया इस्तीफा
हलेवी ने अपने इस्तीफे में यह स्वीकार किया कि उस हमले के दौरान आईडीएफ नागरिकों की रक्षा में नाकाम रहा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके जीवन के बाकी हिस्सों तक यह नाकामी उनके साथ रहेगी। हालांकि, हलेवी ने इस समय अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कहा कि वह अपनी भूमिका को समाप्त करने का समय तय कर चुके थे और अब जब आईडीएफ युद्ध के सभी क्षेत्रों में जीत दर्ज कर रहा है और बंधक वापसी पर काम चल रहा है, तो इस्तीफा देने का समय सही है।
इस्तीफे में और क्या-क्या लिखा
उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पिछले चार दशकों से इजरायल की रक्षा करना उनकी प्रेरणा रही है और वह आईडीएफ के सदस्य होने पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने आईडीएफ की बड़ी उपलब्धियों को भी सराहा, जैसे इजरायल की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और सेना की ताकत को बहाल करना।
7 अक्टूबर को क्या हुआ था
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला किया, जिसमें करीब 1200 इजरायलियों की मौत हुई और 251 लोग बंधक बनाए गए।
इसके बाद इजरायल ने गाजा में हमास के खिलाफ जवाबी हमले शुरू किए, जिसमें 47,035 फिलिस्तीनी मारे गए और 111,091 घायल हुए।
इस हमले और उसके बाद की घटनाओं ने इजरायल में सुरक्षा से संबंधित बड़े सवाल खड़े किए और हलेवी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए गए।
हलेवी का इस्तीफा इजरायल की राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
