Palestinian death toll: गाजा के हेल्थ मिनिस्ट्री ने शनिवार को कहा कि इजरायल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा 70,000 से ज्यादा हो गया है। उस दौरान एक हॉस्पिटल ने बताया था कि इजरायली फायरिंग में इलाके के दक्षिणी हिस्से में दो फिलिस्तीनी बच्चों की मौत हो गई।
इजरायल के हमलों में फिलीस्तीनियों की मौत का आंकड़ा 70,000 के पार (Photo-AP)
10 अक्टूबर को नया सीजफायर लागू होने के बाद से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इजरायल ने सीजफायर के उल्लंघन के जवाब में हमले जारी रखे हैं, जबकि संघर्ष के शुरुआती दिनों की लाशें अभी भी मलबे से निकाली जा रही हैं।
हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक अभी मरने वालों की संख्या 70,100 है। बता दें कि यह मिनिस्ट्री हमास की सरकार के तहत काम करती है और इसमें मेडिकल प्रोफेशनल्स काम करते हैं और यह डिटेल्ड रिकॉर्ड रखती है, जिसे इंटरनेशनल कम्युनिटी आमतौर पर भरोसेमंद मानती है।
हमले पर इजरायल ने क्या कहा?
दक्षिणी गाजा के नासिर हॉस्पिटल के स्टाफ ने बताया कि 8 और 11 साल के दो भाइयों की लाशें तब लाई गईं जब बेनी सुहैला शहर में बेघर लोगों को पनाह देने वाले एक स्कूल के पास एक इजरायली ड्रोन ने हमला किया। इजरायल की मिलिट्री ने कहा कि उसने दो लोगों को मार डाला जो इजरायली कंट्रोल वाले इलाके में घुस आए थे। उन्होंने संदिग्ध हरकतें कीं और सैनिकों के पास पहुंच गए। बयान में बच्चों का जिक्र नहीं था। मिलिट्री ने आगे कहा कि दक्षिण में एक अलग लेकिन वैसी ही घटना में एक और व्यक्ति मारा गया।
सीजफायर के बाद भी नहीं रुक रहीं मौतें
गाजा की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, 10 अक्टूबर को सीजफायर लागू होने के बाद से पूरे इलाके में कम से कम 352 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। मिनिस्ट्री आम लोगों और लड़ाकों में फर्क नहीं करती। इजरायल का कहना है कि उसके हमले उन मिलिटेंट्स को टारगेट करते हैं जो सीजफायर का उल्लंघन कर रहे हैं। इजरायल और हमास दोनों ने एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और हमास ने शनिवार को मीडिएटर्स से अपील की कि वे इजरायल पर गाजा में सीजफायर उल्लंघन रोकने के लिए दबाव डालें।
