बांग्लादेश में अशांति के पीछे ISI का हाथ, अमेरिका पर भी उठाई उंगली...शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने खुलकर कह दी कई बातें

सजीब जॉय ने अपनी मां की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और भारत से अंतरराष्ट्रीय राय बनाने में मदद करने और बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली के लिए दबाव बनाने की अपील की।

KEY HIGHLIGHTS
  • शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि बांग्लादेश में लोकतंत्र बहाल होते ही उनकी मां अपने देश लौटेंगी।
  • बांग्लादेश में अशांति फैलाने में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) का हाथ
  • सजीब जॉय ने अपनी मां की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया

ISI is behind the unrest in Bangladesh: प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर बांग्लादेश से भारत पहुंचीं शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि बांग्लादेश में लोकतंत्र बहाल होते ही उनकी मां अपने देश लौटेंगी। उन्होंने कहा कि उनके देश में अशांति फैलाने में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) का हाथ है। जॉय ने पीटीआई-भाषा के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि हालांकि 76-वर्षीय हसीना निश्चित रूप से बांग्लादेश लौटेंगी, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि वह सेवानिवृत्त नेता के रूप में लौटेंगी या सक्रिय नेता के रूप में। उन्होंने यह भी कहा कि शेख मुजीब परिवार के सदस्य न तो अपने लोगों को छोड़ेंगे और न ही संकटग्रस्त अवामी लीग को बेसहारा छोड़ेंगे।

Sajib Wazed Joy

सजीब वाजेद जॉय

सजीब ने प्रधानमंत्री मोदी और सरकार का आभारत जताया

सजीब जॉय ने अपनी मां की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भारत से अंतरराष्ट्रीय राय बनाने में मदद करने और बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली के लिए दबाव बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, हां, यह सच है कि मैंने कहा था कि वह बांग्लादेश नहीं लौटेंगी। लेकिन देश भर में हमारे नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं पर लगातार हमलों के बाद पिछले दो दिन में बहुत कुछ बदल गया है। अपने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए अब हमें जो भी करना होगा वह करने जा रहे हैं। हम उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे। जॉय ने फोन पर पीटीआई-भाषा से कहा, बांग्लादेश में अवामी लीग सबसे बड़ी और सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी है, इसलिए हम अपने लोगों से दूर नहीं जा सकते। लोकतंत्र बहाल होने के बाद वह (हसीना) निश्चित तौर पर बांग्लादेश लौटेंगी।

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