वेनेजुएला में अमेरिका बड़े ऑपरेशन्स की तैयारी में है। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका, वेनेजुएला में तख्तापलट करा सकता है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लगातार तनातनी बढ़ती रही है और अब तो अमेरिका ने B-52 भी मैदान में उतार दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा B-52 परमाणु-सक्षम बमवर्षक की “अटैक डेमो” के उपयोग को मंजूरी दिए जाने के उसी दिन, अमेरिका ने वेनेज़ुएला के आसपास के हवाई क्षेत्र को लेकर नया एविएशन अलर्ट जारी किया। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने यह चेतावनी सुरक्षा जोखिमों और सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी के चलते जारी की है।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (फोटो- AP)
FAA ने जारी किया खतरे का नोटिस
FAA ने “नोटिस टू एयरमेन” (NOTAM) प्रकाशित किया है, जिसमें एयरलाइंस, पायलटों और एयर ट्रैफिक एजेंसियों को चेतावनी दी गई कि वेनेज़ुएला के आस-पास “संभावित खतनाक स्थिति” बन रही है। यह चेतावनी वेनेज़ुएला के “मैक्वेटिया फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन” पर लागू होती है, जो देश के पूरे हवाई क्षेत्र और दक्षिणी कैरिबियाई समुद्री इलाके को कवर करती है, जिनमें कोलंबिया, गुयाना, ब्राज़ील और त्रिनिदाद के ऊपर की हवाई सीमा भी शामिल है। FAA ने कहा कि यह खतरा “किसी भी ऊंचाई पर विमान संचालन को प्रभावित कर सकता है”—चाहे वे लैंडिंग, टेकऑफ, ओवरफ्लाइट या जमीनी स्थिति में हों।
B-52 बमवर्षक ने किया ‘अटैक डेमो’
FAA की चेतावनी जारी होने के कुछ ही समय बाद अमेरिकी वायुसेना ने पुष्टि की कि B-52 बमवर्षक ने KC-135 टैंकर विमानों और लड़ाकू विमानों के साथ दक्षिणी कमान क्षेत्र में “बॉम्बर अटैक डेमो” उड़ान भरी। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने का हिस्सा है, जिन्हें वेनेज़ुएला से जुड़े होने का संदेह है।
सैन्य कार्रवाई को लेकर संकेत खुला
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब ट्रंप वेनेज़ुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना खुली रखे हुए हैं। बताया जा रहा है कि कैरिबियाई क्षेत्र में यह अमेरिकी सैन्य तैनाती शीत युद्ध के बाद अब तक की सबसे बड़ी है। ट्रंप ने इस अभियान को “नार्को-टेररिस्ट” नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई बताया है, जो कथित रूप से वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से जुड़े हैं। उन्होंने कहा: “मैं मादुरो से बात करने पर विचार कर सकता हूं, लेकिन मैं किसी भी विकल्प को खारिज नहीं कर रहा।” ट्रंप ने आरोप लगाया कि मादुरो की नीतियों ने ड्रग तस्करी और अवैध प्रवासन के जरिये अमेरिका को “बड़ा नुकसान” पहुंचाया है।
कैरिबियन में अमेरिकी सैन्य दबाव बढ़ा
इस नई रणनीतिक सख्ती के साथ ही अमेरिकी नौसैनिक समूह, जिसमें सुपर कैरियर यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड भी शामिल है, कैरिबियन में सक्रिय है। अमेरिकी नौसेना उन जहाज़ों को रोकने के अभियानों में लगी है जिन पर मादक पदार्थों की तस्करी का संदेह है।
