Iran's Nuclear Programme: पेंटागन ने कहा है कि हाल ही में अमेरिका द्वारा किए गए हमलों ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया है, जिससे उसके परमाणु कार्यक्रम में दो साल तक की देरी हो सकती है। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने संवाददाताओं को बताया कि तीनों लक्षित स्थलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया है, आंतरिक आकलन के मुताबिक करीब दो साल की देरी हो सकती है। पार्नेल ने संवाददाताओं को बताया, हमने उनके कार्यक्रम को एक से दो साल तक कम कर दिया है, कम से कम रक्षा विभाग के अंदर खुफिया आकलन में ऐसा अनुमान लगाया गया है। हमने जो भी खुफिया जानकारी देखी है, उससे हमें विश्वास हुआ है कि ईरान की खासकर उन सुविधाओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।
ईरान के परमाणु स्थलों को अमेरिकी हमलों से पहुंच नुकसान
अमेरिकी बमवर्षकों ने बरसाए थे बंकर-बस्टर बम
22 जून को अमेरिकी बमवर्षकों ने एक दर्जन से अधिक 30,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों से तीन ईरानी परमाणु स्थलों को निशाना बनाया था। हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम नष्ट हो गया है। हालांकि, हमला कितना कारगर रहा इसके बारे में सवाल बने हुए हैं। इससे पहले IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने चेतावनी दी थी कि ईरान कुछ महीनों के भीतर समृद्ध यूरेनियम का उत्पादन फिर से शुरू कर सकता है, जिससे अमेरिकी ऑपरेशन के असर पर संदेह पैदा हो गया है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों के बाद अपने फोर्डो यूरेनियम संवर्धन स्थल पर खुदाई का काम शुरू कर दिया है। मैक्सार टेक्नोलॉजीज की सैटेलाइट इमेजरी में नई सड़कें और निर्माण वाहन दिखाई दे रहे हैं, जिसमें एक खुदाई करने वाली मशीन और क्रेन शामिल हैं, जो 22 जून को अमेरिकी बंकर-बस्टर बमों से प्रभावित वेंटिलेशन शाफ्ट के पास हैं।
ईरान ने फोर्डो से यूरेनियम निकाला
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संभावना है कि ईरान ने 22 जून के हमलों से पहले फोर्टिफाइड फोर्डो सुविधा से हथियार-ग्रेड यूरेनियम के अपने भंडार को स्थानांतरित कर दिया है। इससे अमेरिका के ऑपरेशन के असर के बारे में सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि उन्हें इस तरह के कदम की पुष्टि करने वाली किसी भी खुफिया जानकारी के बारे में पता नहीं है।
पिछले सप्ताह रक्षा खुफिया एजेंसी द्वारा किए गए एक शुरुआती आकलन में अनुमान लगाया गया था कि हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम में केवल कुछ महीनों की देरी हो सकती है। लेकिन ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों ने उस विश्लेषण को कम-विश्वास वाला बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि नई खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि ईरान के कार्यक्रम को कहीं अधिक व्यापक नुकसान हुआ है।
