Hormuz Crisis: अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर कहर बरपा रहे हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस बीच, एक चौंका देने वाली रिपोर्ट सामने आई जिसमें कहा जा रहा है कि ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों से कहा है कि अगर अमेरिकी नेतृत्व वाले हमले ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचनाओं पर जारी रहते हैं तो वह लाल सागर के अहम तेल मार्ग को अवरुद्ध करने की तैयारी करें।
होर्मुज के बाद क्या लाल सागर में गहराएगा संकट (फाइल फोटो)
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर पहले ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बीच आम सहमति बनी और फिर हूती विद्रोहियों तक यह बात पहुंचाई गई। हालांकि, इस संबंध में अभी तक ईरान या हूती विद्रोहियों की तरह से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पश्चिम एशिया में पसरा तनाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ईरान समर्थित हूती विद्रोही इस संघर्ष में शामिल होते हैं, तो पहले से ही खाड़ी क्षेत्र की जो हालात खराब है, वो और भी ज्यादा भयावह हो सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से जारी संघर्ष के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पहले ही चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
यह रिपोर्ट ऐसे मौके पर सामने आई जब अमेरिका ने ईरान पर अपनी सैन्य कार्रवाई बढ़ दी और तेहरान ने भी बहरीन, जॉर्डन और कुवैत को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे बड़े इलाके में लड़ाई का खतरा बढ़ गया। साथ ही, नई दुश्मनी ने पिछले महीने हुए अंतरिम समझौते पर अनिश्चितता पैदा कर दी, जिसके चलते स्थायी समझौते का रास्ता बाधित हो गया।
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क्या लाल सागर हो जाएगा बंद?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लाल सागर के समुद्री मार्ग पर भी असर पड़ता है तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और वैश्विक शिपिंग पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। होर्मुज संकट का कहर पहले ही दुनिया झेल रही है। ऐसे में लाल सागर संकट का उत्पन्न होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
