BRICS Summit: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन अगले महीने भारत का दौरा करेंगे। अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच ईरानी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (फाइल फोटो)
ईरान फरवरी के आखिरी सप्ताह से अमेरिका के साथ युद्ध लड़ रहा है और कई कोशिशों के बावजूद स्थायी शांति स्थापित नहीं हो पाई है। इस बीच, ईरानी सूत्रों ने बताया कि पेजेशकियन सितंबर में नई दिल्ली का दौरा करेंगे और भारत की मेजबानी में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इस वर्ष के शिखर सम्मेलन की थीम 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability' रखी गई है। भारत ने 2026 की शुरुआत में ब्राजील से ब्रिक्स की अध्यक्षता ली थी।
पेजेशकियन की भारत यात्रा
पेजेशकियन की प्रस्तावित भारत यात्रा को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के लिहाज से बेहद अहम है। अक्टूबर 2024 में पेजेशकियन ने रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी।
ब्रिक्स में कब शामिल हुआ ईरान?
साल 2024 में ईरान ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था। उसके साथ मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात भी समूह में शामिल हुए थे। 2025 में इंडोनेशिया के जुड़ने के बाद ब्रिक्स के पूर्ण सदस्यों की संख्या बढ़कर 11 हो गई।
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इससे पहले, जून में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे। बैठक के बाद नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अराघची ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में भारत की बढ़ती भूमिका की सराहना की थी। अराघची ने कहा था कि भारत तनाव कम करने की दिशा में 'बड़ी भूमिका' निभा सकता है।
