Iran-Israel War: इजराइल और ईरान के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से घंटों चली कूटनीतिक वार्ता विफल हो गई। यूरोपीय मंत्रियों और ईरान के शीर्ष राजनयिकों के बीच शुक्रवार को जेनेवा में 4 घंटे तक बैठक हुई। ठीक इसी समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध में अमेरिकी सेना के हस्तक्षेप पर विचार कर रहे थे और परमाणु रिएक्टरों पर संभावित हमलों को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। यूरोपीय अधिकारियों ने भविष्य में वार्ता की आशा व्यक्त की जबकि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि वह आगे भी वार्ता के लिए तैयार हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इजराइल की ओर से लगातार हमले किए जाने के कारण ईरान को अमेरिका के साथ वार्ता करने में कोई रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि हमले बंद हो जाएं और हमलावर को उसके अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए तो ईरान कूटनीतिक कदमों पर विचार करने के लिए तैयार है। वार्ता के लिए कोई अगली तारीख तय नहीं की गई है।
इजराइल और ईरान के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से हुई कूटनीतिक वार्ता विफल
इजराइल जब तक चाहेगा तब तक ईरान पर सैन्य अभियान चलेगा: नेतन्याहू
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक उनका देश चाहेगा तब तक ईरान में इजराइल का सैन्य अभियान चलेगा, जिसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलों को खत्म करना है। इजराइल के एक शीर्ष जनरल ने भी इसी तरह की चेतावनी देते हुए कहा कि इजराइली सेना लंबे अभियान के लिए तैयार है। हालांकि नेतान्याहू अमेरिका की मदद के बिना यह लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते। माना जा रहा है कि ईरान की फोरदो यूरेनियम संवर्धन सुविधा बंकरों को तबाह करने वाले अमेरिका के बमों से अभी बची हुई है। ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ इजराइल के अभियान में अमेरिका के शामिल होने को लेकर दो सप्ताह में फैसला लेंगे।
अब तक गई सैकड़ों लोगों की जान
इजराइल ने 13 जून को ईरान परमाणु और सैन्य ठिकानों, शीर्ष जनरलों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाकर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान की ओर से हवाई हमले किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ गया था। वाशिंगटन में स्थित ईरानी मानवाधिकार समूह के अनुसार, ईरान में 263 आम नागरिकों समेत कम से कम 657 लोग मारे गए हैं और 2000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
इजराइली सेना के अनुमान के अनुसार, ईरान ने इजराइल पर 450 मिसाइलें और 1,000 ड्रोन दागकर जवाबी कार्रवाई की है। सेना के अनुसार, अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को इजराइल की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया है, हालांकि इन हमलों में इजराइल में कम से कम 24 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। इजराइल ने कहा कि कुद्स फोर्स के लिए फलस्तीन कोर के कमांडर सईद इज़ादी की कोम शहर के एक अपार्टमेंट में हत्या कर दी गई है। कुद्स फोर्स रिवॉल्यूशनरी गार्ड की एक विशिष्ट शाखा है जो ईरान के बाहर सैन्य व खुफिया अभियान चलाती है।
