ईरान-इजराइल युद्ध ने लिया नया मोड़, ईरान के सबसे बड़े गैस क्षेत्र पर हमला, वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने की आशंका

ईरान ने संकेत दिया है कि वह अपने अभियान को और आगे बढ़ा सकता है। रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, तेहरान ने अमेरिका और इजराइल की "गंभीर गलती" के जवाब में अन्य देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

Iran-Israel War: ईरान-इजराइल युद्ध ने एक नया मोड़ ले लिया है और अब दुनिया में ऊर्जा संकट बढ़ने की आशंका गहरा गई है। दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्रों में से एक और एक प्रमुख एलएनजी केंद्र पर हुए हमलों से वैश्विक आपूर्ति में बड़े व्यवधान की आशंका बढ़ गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने बुधवार को बताया कि इजराइल ने दक्षिण पार्स प्राकृतिक गैस (South Pars Natural Gas) क्षेत्र पर हमला किया, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत है और असलुयेह के पास खाड़ी तट पर स्थित है। इस क्षेत्र से जुड़ी सुविधाओं में आग लगने की खबरें हैं, जो ईरान की लगभग 80% प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करता है।

Iran gas plant attacked

ईरान के सबसे बड़े गैस प्लांट पर हमला

ईरान ने किया जवाबी हमला, निशाने पर कतर

साउथ पार्स हमले के कुछ ही घंटों के भीतर, ईरान ने खाड़ी में ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। कतर ने कहा कि ईरान द्वारा उसके क्षेत्र की ओर पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से एक ने रास लाफान औद्योगिक शहर को निशाना बनाया जो दुनिया का सबसे बड़ा द्रवीकृत प्राकृतिक गैस निर्यात टर्मिनल है। कतर के विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इससे आग लगी और दूतावास को काफी नुकसान हुआ। चार मिसाइलों को रोक दिया गया। कतर के विदेश मंत्रालय ने बुधवार शाम को लिखा कि उसने ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अटैचियों के साथ-साथ उनके कार्यालयों के कर्मचारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि उसने उनसे 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है।

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