US Iran war: ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कहा कि 28 फरवरी को ईरान और अमेरिका के बीच शत्रुता शुरू होने के बाद से कई अमेरिकी सैनिकों को पकड़ लिया गया है। उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी कि कितने सैनिकों को पकड़ा गया है।
'कई अमेरिकी सैनिक पकड़े गए'...ईरान के दावे से मची हलचल
लारीजानी ने कहा कि पकड़े गए सैनिकों के बारे में उन्हें जानकारी दी गई थी। X पर पोस्ट किए गए एक मैसेज में उन्होंने लिखा, 'मुझे बताया गया है कि कई अमेरिकी सैनिकों को बंदी बना लिया गया है। लेकिन अमेरिकियों का दावा है कि वे लड़ाई में मारे गए हैं। उनकी नाकाम कोशिशों के बावजूद, सच्चाई ऐसी चीज नहीं है जिसे वे ज्यादा देर तक छिपा सकें।'
अमेरिका का इनकार
हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड स्टेट्स मिलिट्री ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि किसी भी अमेरिकन सैनिक को कैदी नहीं बनाया गया है और यह बात झूठी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक हफ्ते से चली मिलिट्री झड़पों के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।
लारीजानी ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बारे में क्या कहा?
ईरान के सरकारी टेलीविजन से बात करते हुए, लारीजानी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या पर डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि उन्हें लगता है कि वे वेनेजुएला की घटनाओं जैसा ईरान के खिलाफ जल्दी ऑपरेशन कर सकते हैं। लारीजानी ने कहा कि यह सोच गलत साबित हुई।
उन्होंने कहा, 'ट्रंप को वेनेजुएला में जो हुआ उसका अंदाजा हो गया था और उन्हें यह पसंद आया, उन्हें लगा कि वे ईरान में भी जल्दी ऐसा कर सकते हैं। अब वे फंस गए हैं।'
लारीजानी ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान बदला लेना जारी रखेगा। उन्होंने कहा, 'हम उसे अकेला नहीं छोड़ेंगे। उसने जो किया है, उसकी कीमत उसे चुकानी होगी। उसने हमारे लीडर को मारा और हमारे 1,000 से ज्यादा लोगों को शहीद कर दिया। यह कोई आसान मामला नहीं है।'
लारीजानी ने पड़ोसी देशों को भी चेतावनी दी कि वे ईरान पर हमलों के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल न होने दें। उनकी यह टिप्पणी मसूद पेजेशकियन के उस बयान के कुछ घंटों बाद आई जिसमें उन्होंने इलाके में बढ़ते तनाव के बीच अरब पड़ोसियों से माफी मांगी थी और कहा था वे अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करेंगे।
