भारतीयों को खूब भा रही रशियन वोदका, 10 महीनों में गटक गए 520 टन शराब

इस साल के शुरुआती 10 महीनों में रूस से भारत को होने वाले स्पिरिट्स (हार्ड शराब)के निर्यात में काफी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रूसी कृषि मंत्रालय के कृषि निर्यात विकास केंद्र के आंकड़ों को लेकर फाइनेंशियल और ट्रेड अखबार 'वेडोमोस्ती' ने ये दावा किया है।

दुनियाभर में जिन देशों में शराब की खपत सबसे ज्यादा होती है, भारत भी उनमें शीर्ष क्रम में शामिल है। इस बीच देखा गया है कि भारत में शराब के शौकीनों को रूसी शराब खूब पसंद आ रही है। ये हम नहीं बल्कि रूस से भारत में निर्यात की जाने वाली शराब के आंकड़े कह रहे हैं। इस साल के शुरुआती 10 महीनों में रूस से भारत को होने वाले स्पिरिट्स (हार्ड शराब)के निर्यात में काफी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रूसी कृषि मंत्रालय के कृषि निर्यात विकास केंद्र के आंकड़ों को लेकर फाइनेंशियल और ट्रेड अखबार 'वेडोमोस्ती' ने दावा किया है कि इन 10 महीनों में भारत को रूसी शराब का निर्यात लगभग चार गुना तक बढ़ गया है

शराब की बोतलें

(सांकेतिक फोटो)

एग्रोएक्सपोर्ट के आंकड़ों का खुलासा

रूसी कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले फेडरल सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल एक्सपोर्ट डेवलपमेंट (एग्रोएक्सपोर्ट) के आंकड़ों के हवाले से प्रमुख वित्त और व्यापार अखबार वेदोमोस्ती ने बताया कि भारत में रूसी वोदका और अन्य हार्ड अल्कोहलिक ड्रिंक्स जैसे जिन, व्हिस्की और लिक्योर जैसी शराबों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

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