अमेरिका: मरणासन्न रिश्तेदार से हिंदी में की बात, कंपनी ने भारतीय अमेरिकी इंजीनियर को नौकरी से निकाला

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Aug 1, 2023, 06:30 PM IST

मीडिया के मुताबिक अलाबामा में मिसाइल डिफेंस कांट्रैक्टर के साथ लंबे समय से अनिल वार्ष्णेय काम कर रहे थे और नौकरी से निकाले जाने के फैसले को उन्होंने अदालत में चुनौती दी है।

Indian American Engineer Fired: अमेरिका में रह रहे 78 वर्षीय भारतीय मूल के इंजीनियर को नौकरी से सिर्फ इसलिए निकालने का मामला सामने आया है क्योंकि वह भारत में मरणासन्न अपने एक रिश्तेदार से वीडियोकॉल पर हिंदी में बात कर रहा था। मीडिया ने कानूनी वाद का हवाला देते हुए यह खबर दी है। मीडिया के मुताबिक अलाबामा में मिसाइल डिफेंस कांट्रैक्टर के साथ लंबे समय से अनिल वार्ष्णेय काम कर रहे थे और नौकरी से निकाले जाने के फैसले को उन्होंने अदालत में चुनौती दी है।

भारत में मरणासन्न अपने रिश्तेदार से फोन पर हिंदी में बात की

वार्ष्णेय हंट्सविली मिसाइल डिफेंस कांट्रैक्टर पार्सन्स कॉरपोरेशन में बतौर वरिष्ठ सिस्टम इंजीनियर काम करते थे। उन्होंने संघीय अदालत में दाखिल वाद में आरोप लगाया है कि उनके साथ व्यवस्थागत भेदभाव किया गया जिसकी वजह से पिछले साल अक्टूबर में उन्हें बेरोजगार होना पड़ा। एएल डॉट कॉम ने सोमवार को खबर दी कि श्वेत सहकर्मी ने वार्ष्णेय को भारत में मरणासन्न अपने रिश्तेदार से फोन पर हिंदी में बात करते हुए सुना। वार्ष्णेय को 26 सितंबर 2023 को उनके मरणासन्न रिश्तेदार केसी गुप्ता का भारत से फोन आया जो अंतिम बार वार्ष्णेय से बात करना चाहते थे।

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