India US Trade Talks: भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्तों को एक नई दिशा देने के लिए इस सप्ताह नई दिल्ली में एक बेहद अहम बैठक होने जा रही है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमीसन ग्रीर और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच दो दिनों तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) के पहले चरण पर गहन चर्चा होगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के शुरुआती ढांचे को अंतिम रूप देना है। खुद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उनके अमेरिकी समकक्ष इस बातचीत के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं।
भारत-यूएस व्यापार वार्ता (फोटो: X/@USTradeRep)
भारत के साथ होगी बेहद निर्णायक बातचीत
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक मोर्चे पर कई चुनौतियां खड़ी हैं। दरअसल, अमेरिका ने इस साल 24 फरवरी को अपने सभी व्यापारिक साझेदारों पर 10 प्रतिशत का अस्थायी शुल्क लगाया था, जिसकी अवधि आगामी 24 जुलाई को समाप्त हो रही है। इसके बाद अमेरिका आयात होने वाले सामानों पर 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' (MFN) शुल्क लागू करेगा। ऐसे में 24 जुलाई की समयसीमा से पहले अमेरिका को अपना नया शुल्क ढांचा तैयार करना है, जिसके लिए भारत के साथ यह बातचीत बेहद निर्णायक मानी जा रही है। पीयूष गोयल को उम्मीद है कि दोनों देश सभी लंबित मुद्दों को सुलझा लेंगे और अगले महीने के मध्य तक समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
भारत समेत कई देशों के खिलाफ धारा 301 के तहत दो मामले दर्ज
हालांकि, इस बातचीत के साथ-साथ कुछ कड़वाहट भी बनी हुई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने हाल ही में भारत समेत कई देशों के खिलाफ धारा 301 के तहत दो मामलों में एकतरफा जांच शुरू की है। यह जांच वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बंधुआ मजदूरी और अत्यधिक उत्पादन क्षमता से जुड़े आरोपों पर आधारित है। इतना ही नहीं, अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी से बने सामानों को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए भारत सहित 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी रखा है। इस प्रस्ताव पर जुलाई में सुनवाई होनी है। इन तमाम विवादों और कड़े तेवरों के बीच, यह दो दिवसीय बैठक दोनों देशों के व्यापारिक भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
