South Korea President India Visit: भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग इन दिनों भारत की राजकीय यात्रा पर आए हुए हैं। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (Jaishankar meeting Lee Jae Myung) ने उनसे मुलाकात की और दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करने पर बातचीत की। जयशंकर ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति ली से मिलकर खुशी हुई और वे भारत-कोरिया संबंधों को मजबूत बनाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच होने वाली बैठक से दोनों देशों की “विशेष रणनीतिक साझेदारी” और मजबूत होगी।
8 साल बाद कोरियाई राष्ट्रपति का भारत दौरा (Photo: ANI)
आठ साल में किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा
यह यात्रा इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पिछले करीब आठ साल में किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है। इसे दोनों देशों के रिश्तों (India South Korea relations) को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। भारत और दक्षिण कोरिया ने साल 2015 में अपने संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा दिया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। खासतौर पर सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में दोनों देश साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
हैदराबाद हाउस में होगी प्रधानमंत्री मोदी के साथ अहम बैठक
इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ली का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। उन्हें राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत दिया जाएगा और वे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी देंगे। इसके अलावा, हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी अहम बैठक होगी, जिसमें कई बड़े समझौते होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है।
इसी के तहत एक बिजनेस फोरम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत और दक्षिण कोरिया के उद्योगपति शामिल होंगे। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत हैं। दोनों देशों के लोग एक-दूसरे की संस्कृति और परंपराओं को समझने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो राष्ट्रपति ली की यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
