'अपनी हद में रहकर काम करे UN', नस्लीय भेदभाव रिपोर्ट पर भारत का संयुक्त राष्ट्र को दो-टूक जवाब

India Rejects UN CERD Report: संयुक्त राष्ट्र की नस्लीय भेदभाव उन्मूलन समिति द्वारा जारी रिपोर्ट पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने रिपोर्ट में की गई टिप्पणियों को 'राजनीतिक रूप से प्रेरित और अत्यधिक दुर्भावनापूर्ण' बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जिनेवा में समीक्षा बैठक के दौरान साफ किया कि भारत का संविधान, बहुलतावादी मूल्य और मजबूत कानून सभी नागरिकों, विशेषकर वंचित और जनजातीय समुदायों के अधिकारों की पूरी रक्षा करते हैं।

India Rejects UN CERD Report: संयुक्त राष्ट्र की नस्लीय भेदभाव उन्मूलन समिति (CERD) की ताजा रिपोर्ट पर भारत ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने CERD की टिप्पणियों को 'राजनीतिक रूप से प्रेरित और अत्यधिक दुर्भावनापूर्ण' बताते हुए कहा है कि भारत इसे पूरी तरह से खारिज करता है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बिना किसी ठोस सबूत के लगाए जाने वाले ऐसे आरोपों की देश की नजर में कोई कीमत नहीं है।

India Rejects UN CERD Report

UN समिति की रिपोर्ट पर भारत का कड़ा प्रहार

यह विवाद तब शुरू हुआ जब जिनेवा में CERD की समीक्षा बैठक के बाद समिति ने भारत में अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जातियों (SC), अनुसूचित जनजातियों (ST) और अन्य वंचित वर्गों के खिलाफ बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघनों का दावा किया। 11 और 12 अगस्त को आयोजित इस बैठक में भारत की 12वीं और 21वीं संयुक्त आवधिक रिपोर्ट पर चर्चा हुई थी।

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